द इंडिया स्पीक्स, विशेष रिपोर्ट
खरगोन, 01 अक्टूबर 2025। मध्य प्रदेश के खरगोन जिले की ग्राम रणगांव निवासी श्रीमती शर्मिला पटेल ने ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़कर अपनी मेहनत और अटूट आत्मविश्वास से एक मिसाल कायम की है। कभी घोर गरीबी में जीवन यापन करने वाला यह परिवार आज प्रतिमाह ₹37,000 की आय अर्जित कर रहा है, और शर्मिला दीदी अब ‘लखपति दीदी’ के रूप में पहचानी जाती हैं।
शिक्षा थी पर संसाधन नहीं
बीए और एमएसडब्ल्यू (MSW) जैसी उच्च शिक्षा प्राप्त होने के बावजूद, शर्मिला दीदी का परिवार अपनी आर्थिक स्थिति के कारण अत्यधिक गरीबी में जी रहा था। उनके सपने पूरे नहीं हो पा रहे थे। लेकिन ग्रामीण आजीविका मिशन उनके जीवन में एक बड़ा मोड़ बनकर आया।
शर्मिला दीदी ने वर्ष 2019 में ‘कृष्णा स्व सहायता समूह’ से जुड़कर अपने सपनों की ओर पहला कदम बढ़ाया। समूह से जुड़ने के बाद, उन्हें मिशन के तहत विभिन्न चरणों में वित्तीय सहायता मिली:
- सीआईएफ (CIF): ₹50,000
- बैंक से सीसीएल ऋण: ₹1,50,000
- व्यक्तिगत ऋण: ₹15,000
आत्मविश्वास से मिली कामयाबी की सीढ़ी
शर्मिला दीदी ने इन संसाधनों का उपयोग केवल एक काम में नहीं, बल्कि कई क्षेत्रों में किया। उन्होंने समूह के साथ मिलकर सीएलएफ प्रबंधक (CLF Manager), बैंक सखी, सिलाई सेंटर और कृषि कार्य जैसे कई मोर्चों पर काम संभाला। उनकी लगन और कार्यों के बेहतर प्रबंधन ने उनकी मासिक आय में जबरदस्त वृद्धि की।
आज शर्मिला दीदी ₹37,000 की मासिक आय अर्जित कर रही हैं और ‘लाडली बहना योजना’ का लाभ भी ले रही हैं। आय में इस अभूतपूर्व वृद्धि ने उन्हें ‘लखपति दीदी’ का दर्जा दिलाया है।
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शर्मिला दीदी की कहानी यह साबित करती है कि “खुद पर अगर विश्वास हो तो मुश्किल से मुश्किल काम भी आसान हो जाता है।” प्रशिक्षण कार्यक्रमों से उनकी बोलने-समझने की क्षमता में वृद्धि हुई है, जिससे उनका आत्मविश्वास आसमान छूने लगा है। आज, वह न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही हैं, बल्कि अन्य महिलाओं को भी समूह से जुड़ने और अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रेरित कर रही हैं।












