सिक्ख समाज ही नहीं, सर्व समाज के लिए अपूरणीय क्षति
खंडवा। The India Speaks Desk
खंडवा शहर के प्रतिष्ठित समाजसेवी, पंथ के सच्चे सेवक और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता सरदार सुरजीत सिंह राजपाल जी का आज दुखद निधन हो गया। उनके आकस्मिक निधन से न केवल सिक्ख समाज, बल्कि पूरे खंडवा शहर में शोक की लहर दौड़ गई है। समाज के हर वर्ग में शोक और संवेदना का माहौल बना हुआ है।
सरदार सुरजीत सिंह राजपाल का संपूर्ण जीवन समाज सेवा, धार्मिक कार्यों और संगठनात्मक मजबूती के लिए समर्पित रहा। वे गुरु सिंह सभा के पूर्व अध्यक्ष रहे और अपने कार्यकाल के दौरान समाज को एकजुट करने के साथ-साथ धार्मिक गतिविधियों को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
सिक्ख बंजारा समाज के उत्थान में निभाई अहम भूमिका
सरदार सुरजीत सिंह राजपाल ने उपेक्षित वर्गों, विशेषकर सिक्ख बंजारा समाज के सामाजिक, शैक्षणिक और सांस्कृतिक उत्थान के लिए जमीनी स्तर पर निरंतर कार्य किए। उनका उद्देश्य समाज को मुख्यधारा से जोड़ना और आत्मसम्मान के साथ आगे बढ़ने के अवसर प्रदान करना था।
धार्मिक संस्कारों और सेवा भावना को बच्चों एवं युवाओं तक पहुँचाने वाली संस्था ‘हेमकुंड फाउंडेशन’ की स्थापना और संचालन में उनका योगदान अत्यंत प्रेरणादायक रहा। संस्था को दिशा देने में उनका मार्गदर्शन सदैव स्मरणीय रहेगा।
सरदार सुरजीत सिंह राजपाल भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ और समर्पित नेता थे। उन्होंने राजनीति को सेवा का माध्यम मानते हुए न केवल अपने समाज, बल्कि सर्व समाज और खंडवा शहर के विकास कार्यों में सक्रिय सहभागिता निभाई।
उनके निधन पर समाज के विभिन्न वर्गों और शहर के गणमान्य नागरिकों ने गहरा शोक व्यक्त किया। श्रद्धांजलि अर्पित करने वालों में गुरु सिंह सभा के अध्यक्ष जोगिंदर सिंह कुकरेजा, वरिष्ठ नेता अशोक पालीवाल, पूर्व महापौर सुभाष कोठारी, पूर्व विधायक देवेंद्र वर्मा, वरिष्ठ नेता परमजीत सिंह नारंग, गुरमीत सिंह ऊबेजा सहित अनेक सामाजिक व राजनीतिक प्रतिनिधि शामिल रहे।
सरदार सुरजीत सिंह राजपाल का जाना खंडवा शहर और समाज के लिए अपूरणीय क्षति है। वे सदैव एक मार्गदर्शक, सेवाभावी और प्रेरणास्रोत के रूप में स्मरण किए जाएंगे।












