108 कुंडीय महायज्ञ और भव्य शोभायात्रा के साथ आध्यात्मिक आयोजन का शुभारंभ
बड़वाह। लोकेश कोचले| The India Speaks
ओंकारेश्वर परिक्षेत्र के बड़वाह नगर में 108 कुंडीय श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ एवं शिव महापुराण कथा का शुभारंभ 19 फरवरी से भव्य शोभायात्रा के साथ हुआ। इससे पूर्व 18 फरवरी 2026 को भव्य शोभायात्रा का आयोजन कर नगर में धार्मिक वातावरण निर्मित किया गया। संपूर्ण भारतवर्ष की अखंड हरिनाम संकीर्तन पदयात्रा के साथ नंगे पैर पदयात्रा कर रहे परम पूज्य स्वामी निर्मल चैतन्यपुरी जी महाराज के सानिध्य में यह आयोजन संपन्न हो रहा है।
शिव महापुराण कथा के प्रथम दिन श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत वातावरण देखने को मिला। कथा वाचन की शुरुआत विधिवत पूजा-अर्चना, गणेश वंदना एवं कलश स्थापना के साथ हुई। कथा वाचक स्वामी रामकृष्ण दास जी त्यागी महाराज ने भगवान शिव की महिमा का वर्णन करते हुए कहा —
“पाप न करना भी एक बड़ा पुण्य है।”
उन्होंने कहा कि शिव पुराण केवल एक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन जीने की सही दिशा दिखाने वाला आध्यात्मिक मार्गदर्शक है।
शिव महिमा और श्रवण के लाभों का वर्णन
प्रथम दिवस पर शिव महापुराण की उत्पत्ति, उसकी महत्ता और श्रवण के लाभों का विस्तार से वर्णन किया गया। स्वामी जी ने बताया कि जो व्यक्ति श्रद्धा और विश्वास के साथ कथा सुनता है, उसके जीवन के कष्ट दूर होते हैं और मन में सकारात्मकता का संचार होता है। कथा के दौरान भगवान शिव के निराकार और साकार स्वरूप, शिवलिंग की महिमा तथा भक्ति के महत्व पर विशेष प्रकाश डाला गया।
108 कुंडीय श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ एवं श्री शिव महापुराण कथा के सत्संकल्पकर्ता स्वामी निर्मल चैतन्यपुरी महाराज ने कहा कि इस महायज्ञ का उद्देश्य समाज में धर्म, आस्था और सदाचार का प्रसार करना है। आयोजन स्थल पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। महिलाओं ने मंगलगीत गाए और पूरे पंडाल में “हर-हर महादेव” के जयघोष गूंजते रहे। शाम 7 बजे काशी गंगा जी की आरती की तर्ज पर भव्य आरती एवं प्रसाद वितरण के साथ प्रथम दिवस का समापन हुआ।
आयोजन समिति के अनुसार आगामी दिनों में शिव विवाह एवं अन्य प्रेरक प्रसंगों का वाचन किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।
इस अवसर पर यज्ञ आचार्य डॉक्टर गंगाधर पांडे जी, पंडित श्रवण मिश्र जी, पंडित अतुल मिश्र जी, आचार्य तरुण तिवारी जी, पंडित सुभाष सकलानी जी, पंडित नारायण जी, पंडित वृजमोहन शर्मा जी, सेवक राम गुप्ता, मलय गुप्ता, वैभव जोशी, नरेन्द्र जायसवाल, तुषार त्रिवेदी सहित अन्य श्रद्धालु उपस्थित रहे।












