संस्कृत कविता पाठ से सजी पूर्व संध्या, हजारों श्रद्धालुओं ने लिया भण्डारा प्रसादी का लाभ
ओंकारेश्वर परिक्षेत्र के बड़वाह नगर में परम पूज्य स्वामी निर्मल चैतन्यपुरी जी महाराज के सानिध्य में आयोजित शिव महापुराण कथा एवं 108 कुण्डीय श्री लक्ष्मीनारायण महायज्ञ का समापन अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और वैदिक विधि-विधान के साथ सम्पन्न हुआ। यज्ञ हवन की पूर्णाहुति के पश्चात विशाल भण्डारा प्रसादी का आयोजन किया गया, जिसमें नगर सहित आसपास के क्षेत्रों से हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। पूरे क्षेत्र में “हर-हर महादेव” के जयघोष और वैदिक मंत्रोच्चार की पावन ध्वनि गूंजती रही।
कथा समापन एवं पूर्णाहुति के अवसर पर क्षेत्रीय सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल, नगर पालिका अध्यक्ष श्री राकेश गुप्ता सहित अनेक अतिथियों ने हवन स्थल पर पहुँचकर धर्म लाभ लिया और क्षेत्र की सुख-समृद्धि व खुशहाली के लिए प्रार्थना की।
संस्कृत कविता पाठ ने बढ़ाई आध्यात्मिक गरिमा
समापन से पूर्व संध्या पर संस्कृत कविता पाठ का विशेष आयोजन किया गया, जिसने कार्यक्रम की आध्यात्मिक गरिमा को और अधिक ऊंचाई प्रदान की। विद्वान आचार्यों पंडित वासुदेव द्विवेदी शास्त्री एवं पद्मश्री डॉ. अभिराज राजेंद्र मिश्र ने भगवान शिव, श्रीहरि विष्णु और सनातन संस्कृति की महिमा का ओजस्वी वर्णन करते हुए भावपूर्ण रचनाएँ प्रस्तुत कीं। श्रद्धालु मंत्रमुग्ध होकर काव्य रस में डूबे रहे।
कथा के दौरान स्वामी रामकृष्ण दास जी त्यागी महाराज के प्रेरक प्रवचनों ने भक्तों को धर्म, भक्ति और सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी।
यज्ञ की पूर्णाहुति वैदिक ब्राह्मणों द्वारा विधिपूर्वक सम्पन्न कराई गई। इस अवसर पर यज्ञ आचार्य डॉ. गंगाधर पांडे महाभाग, पंडित श्रवण मिश्र महाभाग, पंडित अतुल मिश्र महाभाग, आचार्य तरुण तिवारी महाभाग, पंडित सुभाष सकलानी महाभाग, पंडित नारायण जी महाभाग तथा पंडित वृजमोहन शर्मा महाभाग सहित अनेक विद्वान ब्राह्मण उपस्थित रहे। सभी ने विश्व शांति, राष्ट्र की उन्नति और जनकल्याण की कामना से आहुतियाँ अर्पित कीं।












