चंडीगढ़: भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही जंग में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने एक सनसनीखेज कार्रवाई को अंजाम दिया है। सीबीआई ने पंजाब पुलिस में रोपड़ रेंज के डीआईजी (DIG) हरचरण सिंह भुल्लर को 8 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए मोहाली स्थित उनके कार्यालय से रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी केवल एक अधिकारी के रिश्वत लेने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके बाद जो खुलासा हुआ है, उसने पूरे पुलिस महकमे को हिलाकर रख दिया है।
डीआईजी भुल्लर की गिरफ्तारी के तुरंत बाद, सीबीआई की टीमों ने चंडीगढ़, मोहाली और अन्य ठिकानों पर छापेमारी की, जहां से धन का एक विशाल भंडार बरामद हुआ है:
- ₹5,00,00,000 (पाँच करोड़ रुपये) नकद: नोटों से भरे बैग और सूटकेस मिले।
- 1.5 किलोग्राम सोना: बेशकीमती आभूषणों का अंबार।
- 22 लग्जरी घड़ियाँ: महंगी और विदेशी ब्रांडों की घड़ियों का संग्रह।
- अचल संपत्तियों के महत्वपूर्ण दस्तावेज और लग्जरी वाहनों की चाबियाँ।
भ्रष्टाचार का ‘ट्रैप’: ऐसे फंसे DIG भुल्लर
मामला मंडी गोबिंदगढ़ के एक स्क्रैप डीलर की शिकायत से शुरू हुआ। डीलर ने सीबीआई को बताया कि डीआईजी भुल्लर उसके खिलाफ दर्ज एक फर्जी मुकदमा खत्म करने के एवज में उससे 8 लाख रुपये की मोटी रिश्वत मांग रहे थे। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए, सीबीआई ने तुरंत एक ‘ट्रैप’ ऑपरेशन प्लान किया। जैसे ही 2009 बैच के आईपीएस अधिकारी हरचरण भुल्लर ने अपने दफ्तर में रिश्वत की रकम स्वीकार की, सीबीआई की टीम ने उन्हें तत्काल गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस विभाग में एक वरिष्ठ पद पर बैठे अधिकारी से इतनी बड़ी मात्रा में अवैध संपत्ति की बरामदगी ने राज्य में हड़कंप मचा दिया है और भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की ज़रूरत को रेखांकित किया है। सीबीआई ने डीआईजी भुल्लर और एक बिचौलिए के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है और उनसे गहन पूछताछ जारी है। जल्द ही उन्हें विशेष अदालत में पेश किया जाएगा।
(द इंडिया स्पीक्स डेस्क)












