देश के बंटवारे के बाद पुराने पंजाब की एकता टूटना आज भी पीड़ा देता है: सिमरनजीत सिंह मान
करनाल। राजेंद्र कैम| The India Speaks
शिरोमणि अकाली दल (अमृतसर) के राष्ट्रीय अध्यक्ष स. सिमरनजीत सिंह मान ने कहा कि चौधरी सर छोटू राम जैसे महान नेता किसानों और आमजन के सच्चे हितैषी थे और उनके नाम पर एक एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी का निर्माण किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह यूनिवर्सिटी न सिर्फ कृषि शिक्षा का केंद्र बनेगी, बल्कि हरियाणा, हिमाचल, पंजाब और नॉर्थ चंडीगढ़ के युवाओं को नई दिशा और नेतृत्व प्रदान करेगी।
स. मान ने कहा कि चौधरी सर छोटू राम और उनके बड़े लेफ्टिनेंट कर्नल एस. जोगिंदर सिंह मान दोनों पुराने पंजाब की लाहौर असेंबली में साथ कार्य कर चुके थे। कर्नल जोगिंदर सिंह मान 1937 में चुनाव जीतकर आए थे और उस समय चौधरी सर छोटू राम ने एग्रीकल्चर मिनिस्टर रहते हुए किसानों के हित में ऐतिहासिक फैसले लिए।
सिमरनजीत सिंह मान ने कहा कि देश के बंटवारे से पहले पंजाब की पूरी आबादी संतुलित और सुरक्षित जीवन जी रही थी, लेकिन बंटवारे के बाद पंजाब को हरियाणा और हिमाचल में बांट दिया गया, जिससे आम लोगों को आज भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
स. मान ने इच्छा जताई कि पंजाब, हरियाणा और हिमाचल को मिलाकर फिर से एक बड़ा राज्य बनाया जाए, ताकि आर्थिक, सामाजिक और धार्मिक समस्याओं का समाधान मिलकर किया जा सके।
उन्होंने यहां तक कहा कि यदि जम्मू-कश्मीर और पाकिस्तान का पंजाब भी एक हो जाए, तो यह क्षेत्र दक्षिण एशिया का सबसे समृद्ध और शांतिपूर्ण राज्य बन सकता है।
पानी और बाढ़ प्रबंधन में अहम भूमिका निभाएगी यूनिवर्सिटी
स. मान ने बताया कि प्रस्तावित एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी में सिंधु, झेलम, रावी, ब्यास और सतलुज नदियों के जल प्रबंधन पर गहन प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही घग्गर नदी से होने वाली बाढ़ और नुकसान से निपटने के स्थायी समाधान भी खोजे जाएंगे।
उन्होंने यह भी बताया कि उनके कार्यालय में उनके बुजुर्गों और चौधरी सर छोटू राम की एक यादगार संयुक्त तस्वीर भी लगी हुई है, जो उनके आपसी संबंधों को दर्शाती है।
हरियाणा यूनिट के अध्यक्ष हरजीत सिंह विर्क ने कहा कि हमें चौधरी सर छोटू राम की नीतियों से प्रेरणा लेकर समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चलना चाहिए और जनकल्याण के कार्यों को प्राथमिकता देनी चाहिए।












