लोग समझते हैं — “हीमोग्लोबिन कम यानी खून कम”, लेकिन सच्चाई कुछ और है!
हेल्थ डेस्क । The India Speaks
अक्सर लोग रिपोर्ट देखकर कहते हैं — “मेरा हीमोग्लोबिन सिर्फ 8 ग्राम है, मतलब मेरे शरीर में खून बहुत कम है।”
लेकिन असल में हीमोग्लोबिन और खून की मात्रा (Blood Volume) दो बिल्कुल अलग चीज़ें हैं।
आइए जानते हैं कि दोनों में अंतर क्या है और यह भ्रम क्यों होता है।
🩸 क्या होता है हीमोग्लोबिन?
हीमोग्लोबिन (Hemoglobin) एक लाल रंग का प्रोटीन है, जो हमारी लाल रक्त कोशिकाओं (RBCs) के अंदर पाया जाता है।
इसका मुख्य काम है —
“फेफड़ों से ऑक्सीजन लेकर शरीर के हर हिस्से तक पहुंचाना और वापस कार्बन डाइऑक्साइड को फेफड़ों तक लाना।”
यानी हीमोग्लोबिन यह बताता है कि आपका खून ऑक्सीजन ढोने में कितना सक्षम है,
ना कि आपके शरीर में खून कितना है।
💧 खून की मात्रा क्या होती है?
खून की मात्रा यानी Blood Volume — यह आपके शरीर में मौजूद कुल खून (RBCs + Plasma + Platelets + WBCs) की मात्रा होती है।
सामान्य तौर पर —
पुरुषों में: 5–6 लीटर
महिलाओं में: 4–5 लीटर
बच्चों में: 3–4 लीटर के करीब
यह मात्रा वजन के अनुसार तय होती है — लगभग 70 mL खून प्रति किलो वजन।
⚠️ लोगों की आम गलती
“मेरा हीमोग्लोबिन 8 है, मतलब शरीर में सिर्फ आधा खून बचा है।”
यह गलत धारणा है।
8 g/dL का मतलब है कि शरीर में ऑक्सीजन ढोने की क्षमता कम है,
लेकिन शरीर में खून की मात्रा (Blood Volume) उतनी ही हो सकती है जितनी पहले थी।
फर्क सिर्फ यह है कि वह खून अब उतनी कुशलता से ऑक्सीजन नहीं ले जा पा रहा।
🍎 हीमोग्लोबिन बढ़ाने के उपाय
हरी सब्जियां, चुकंदर, अनार, गुड़, किशमिश, सेब, और प्रोटीन युक्त आहार लें।
डॉक्टर की सलाह से Iron + Folic Acid + Vitamin B12 सप्लीमेंट लें।
खून की कमी का भ्रम दूर करें — पहले जानें कि हीमोग्लोबिन की कमी है या खून की मात्रा कम हुई है।
📚 स्रोत (Source)
यह जानकारी “Guyton and Hall Textbook of Medical Physiology”
(14th Edition, Elsevier Publication) के आधार पर तैयार की गई है,
जो मेडिकल साइंस में हीमोग्लोबिन और ब्लड वॉल्यूम पर विश्वसनीय मानक ग्रंथ मानी जाती है।












