स्लॉट बुकिंग सिस्टम, बिजली, खरीदी और एफआईआर निरस्तीकरण समेत कई मांगें उठाईं
खरगोन/करही। प्रभु रंसोरे | The India Speaks
किसानों ने अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर करही में अनुविभागीय अधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए प्रशासन के प्रति नाराज़गी जाहिर की। किसानों ने आरोप लगाया कि प्रशासनिक अमला लगातार उनकी समस्याओं को हल्के में ले रहा है, जिससे उन्हें बार-बार आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ रहा है।
ज्ञापन में किसानों ने कहा कि वे पहले भी कई बार अनुरोध, ज्ञापन और आंदोलन कर चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया। इसी उपेक्षा के कारण किसानों को मजबूरन ताला बंद कर धरने पर बैठना पड़ा।
“प्रशासन हमारी समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रहा, इसलिए हमें बार-बार आंदोलन करना पड़ रहा है।”
— किसान प्रतिनिधि
किसानों ने ज्ञापन के माध्यम से अपनी प्रमुख मांगें स्पष्ट रूप से रखीं, जिनमें शामिल हैं—
स्लॉट बुकिंग सिस्टम को तत्काल बंद किया जाए, जिससे किसानों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।
सीसीआई द्वारा प्रति हेक्टेयर 30 क्विंटल गिरदावरी के आधार पर फसलों की खरीदी की जाए।
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किसानों को सिंचाई के लिए लगातार थ्री-फेज बिजली उपलब्ध कराई जाए, ताकि समय पर फसलों की सिंचाई हो सके।
1 दिसंबर को खलघाट में हुए शांतिपूर्ण आंदोलन के बावजूद 717 किसानों पर दर्ज एफआईआर को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए।
सोयाबीन की भावांतर राशि, जो लंबे समय से लंबित है, उसे शीघ्र किसानों के खातों में डाली जाए।
इस संबंध में नायब तहसीलदार ने किसानों को बताया कि प्रस्तुत की गई अधिकांश मांगें शासन स्तर की हैं। उन्होंने कहा कि—
“ये मांगें हमारे स्तर की नहीं हैं, लेकिन हम सभी मांगों को संबंधित विभागों को प्रेषित करेंगे, ताकि किसानों को समस्याओं का सामना न करना पड़े।”
किसानों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।












