महानिदेशक के सख्त निर्देश पर कार्रवाई, 10 लाख के कार्य में 5%–2% कमीशन की मांग का खुलासा
खरगोन। विशाल भमोरिया। The India Speaks Desk
Lokayukta Police Indore ने भ्रष्टाचार के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करते हुए जनपद पंचायत भगवानपुरा के लेखाधिकारी को ₹10,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई महानिदेशक Yogesh Deshmukh के निर्देश पर की गई।
शिकायत के बाद हुआ सत्यापन, मांग सही पाई गई
आवेदक श्री राजेश पंवार (निवासी बिष्टान, जिला खरगोन) ठेकेदारी का कार्य करते हैं। उन्होंने ग्राम पंचायत हीरापुर में सीसी रोड और चेक डैम निर्माण के लिए ठहराव प्रस्ताव बनवाकर 20 जनवरी 2026 को फाइल लेखाधिकारी श्री महेंद्र सिंह चौहान को दी।
आरोप है कि उसी समय आरोपी ने ₹10,000 ले लिए और कहा कि कुल 10 लाख के कार्य में “सीईओ मैडम के 5 प्रतिशत और मेरे 2 प्रतिशत” लगेंगे।
आवेदक ने इसकी शिकायत पुलिस अधीक्षक Lokayukta Police Indore कार्यालय में की। सत्यापन के दौरान शिकायत सही पाई गई तथा आरोपी ने दो नई फाइल स्वीकृत कराने के एवज में पुनः ₹10,000 की मांग की।
26 फरवरी को ट्रैप दल का गठन, खरगोन में रंगे हाथ गिरफ्तारी
26 फरवरी 2026 को ट्रैप दल का गठन किया गया। आवेदक द्वारा अंबाह पंचायत सरपंच से दो नए कार्यों के ठहराव प्रस्ताव मंजूर करवाए गए। तय योजना के अनुसार जब आरोपी लेखाधिकारी चौहान ने आवेदक से ₹10,000 की रिश्वत ली, तब ट्रैप दल ने उसे खरगोन में रंगे हाथ पकड़ लिया।
आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम 2018 की धारा 7 के अंतर्गत कार्रवाई जारी है।
ट्रैप दल में शामिल अधिकारी
उप पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त इंदौर श्री सुनील तालान के नेतृत्व में प्रधान आरक्षक प्रमोद यादव, आरक्षक चंद्रमोहन बिष्ट, आशीष नायडू, रामेश्वर निंगवाल, शैलेन्द्र सिंह बघेल, कमलेश तिवारी और प्रभात मोरे शामिल रहे।












