संक्रामक रोगों से ग्रस्त पत्रकारों को मिलेगा बड़ा लाभ: कपूर
चंडीगढ़। राजेन्द्र कैम | The India Speaks
मीडिया वेलबिंग एसोसिएशन उत्तर भारत के राष्ट्रीय महासचिव सुरेंद्र मेहता और कोषाध्यक्ष करण कपूर ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि मीडिया कर्मियों के लिए घोषित कैशलेस हेल्थ पॉलिसी को जल्द से जल्द लागू किया जाए, ताकि पत्रकारों को गंभीर बीमारियों के इलाज में होने वाले भारी खर्च से राहत मिल सके।
दोनों पदाधिकारियों ने संयुक्त रूप से मुख्यमंत्री नायब सैनी से अपील करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री स्वयं मीडिया कर्मियों के लिए कैशलेस हेल्थ पॉलिसी लागू करने की घोषणा कर चुके हैं, लेकिन लंबे समय से यह मांग अधूरी पड़ी हुई है।
“सरकार द्वारा यदि कैशलेस हेल्थ पॉलिसी लागू की जाती है, तो किसी भी मीडिया कर्मी को बीमारी की स्थिति में आर्थिक संकट का सामना नहीं करना पड़ेगा।
उन्होंने बताया कि संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर धरनी द्वारा प्रदेश सरकार के मंत्रियों के माध्यम से ज्ञापन सौंपे जा रहे हैं, जिनमें पत्रकारों की अन्य मांगों के साथ-साथ कैशलेस हेल्थ पॉलिसी लागू करने का विशेष उल्लेख किया गया है।
मेहता और कपूर ने कहा कि प्रदेश सहित अन्य राज्यों में कई पत्रकार गंभीर बीमारियों से जूझ चुके हैं, जिनकी आर्थिक सहायता मीडिया वेलबिंग संगठन को करनी पड़ी। यदि सरकार यह पॉलिसी लागू कर देती है, तो पत्रकारों को ऐसी स्थिति में सहायता के लिए भटकना नहीं पड़ेगा।
“अधिकांश मीडिया कर्मी साधारण परिवारों से आते हैं, जहां दैनिक जरूरतें पूरी करना भी चुनौतीपूर्ण होता है। ऐसे में बीमारी का खर्च उनके लिए बहुत बड़ा बोझ बन जाता है।”
पदाधिकारियों ने प्रदेश सरकार से आग्रह किया कि पत्रकारों के हित में संवेदनशीलता दिखाते हुए इस पॉलिसी को शीघ्र लागू किया जाए, ताकि मीडिया कर्मियों को सुरक्षित और सम्मानजनक कार्य वातावरण मिल सके।












