करनाल में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में डॉक्टरों ने साझा किए अनुभव और आंकड़े
करनाल। संवाददाता राजेंद्र कैम | The India Speaks
पार्क हॉस्पिटल ने 1000 से अधिक सफल रोबोटिक जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी पूरी कर एक नया मील का पत्थर हासिल किया है। करनाल में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मोहाली स्थित पार्क हॉस्पिटल के वरिष्ठ डॉक्टरों ने यह जानकारी दी।
डॉ. भानु प्रताप सिंह (डायरेक्टर, ऑर्थोपेडिक्स एवं रोबोटिक जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी) ने बताया कि भारत में 2020 से 2026 के बीच जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी की संख्या विश्व स्तर पर सबसे तेज़ दर से बढ़ रही है। वर्तमान में भारत में घुटने के ऑस्टियोआर्थराइटिस की प्रचलन दर 22 से 29% तक है।
भारत बनेगा मेडिकल टूरिज्म का हब
डॉ. अनिल कपूर ने बताया कि 2023 में 7.3 मिलियन विदेशी पर्यटक मेडिकल वीजा पर भारत आए और 2026 तक यह इंडस्ट्री 13 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुँच सकती है। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ और मोहाली क्षेत्र मेडिकल टूरिज्म का नया गंतव्य बन सकते हैं।
रोबोटिक तकनीक से होगा तेज़ और सुरक्षित इलाज
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डॉ. भानु प्रताप सिंह ने बताया कि पहले जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी के बाद मरीज को 3 से 4 हफ्ते तक अस्पताल में रहना पड़ता था। अब 3D ऑगमेंटेड रियलिटी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से लैस रोबोटिक तकनीक के जरिए सर्जरी मात्र 12–15 मिनट में हो जाती है।
👉 इसमें न तो ब्लड ट्रांसफ्यूजन की ज़रूरत होती है, न ही स्टिचेस या ड्रेसिंग की।
👉 मरीज को सर्जरी के 4 घंटे बाद चलाया जाता है और अगले दिन सीढ़ियाँ चढ़ने की अनुमति मिल जाती है।
👉 पूरी रिकवरी सिर्फ 7–10 दिनों में संभव हो जाती है।
भारत में लागत बेहद कम
डॉ. अमन गर्ग ने बताया कि अमेरिका में हिप रिप्लेसमेंट की लागत लगभग 57,000 डॉलर है जबकि भारत में वही सर्जरी सिर्फ 7,000 डॉलर में संभव है।
डॉ. विकृत भारत ने कहा कि कोविड के बाद हड्डी और जोड़ संबंधी रोगियों की संख्या बढ़ी है, और रोबोटिक सर्जरी इन मरीजों के लिए वरदान साबित हो रही है।












