कर्मचारियों को मिला किसान संगठनों का समर्थन, सरकार से ठेकेदारी प्रथा खत्म करने की अपील
करनाल। राजेंद्र कुमार | The India Speaks
हरियाणा के पीजीआईएमएस रोहतक के अनुबंध कर्मचारी अपनी लंबे समय से चली आ रही मांगों को लेकर एक बार फिर सड़कों पर उतर आए हैं। कर्मचारी हरियाणा कौशल रोजगार निगम (HKRN) से जोड़े जाने की मांग पर जिला सचिवालय के सामने धरने पर बैठे हैं।
अनुबंध कर्मचारी हेल्थकेयर रोहतक एसोसिएशन का कहना है कि उन्हें अब तक कई बार झूठे आश्वासन दिए गए, लेकिन समाधान नहीं हुआ।
किसान संगठनों ने दिया समर्थन
कर्मचारियों के आंदोलन को अब किसान संगठनों का भी समर्थन मिलने लगा है। बुधवार को किसान प्रतिष्ठा मंच की राष्ट्रीय कमेटी के सदस्य मुकेश खासा मोखरा मौके पर पहुंचे और कर्मचारियों के संघर्ष में अपना सहयोग दिया।
“सरकार को ठेकेदारी प्रथा तुरंत खत्म करनी चाहिए। रोहतक PGIMS में काम कर रहे सभी कर्मचारियों को HKRN से जोड़ा जाना चाहिए — यह पूरी तरह से जायज मांग है।”
— मुकेश खासा, किसान प्रतिष्ठा मंच
झूठे आश्वासन और मुख्यमंत्री से मुलाकात न होने का आरोप
कर्मचारी संघ के प्रधान अभिषेक और महासचिव महेश ने कहा कि अधिकारियों ने झूठे वादे कर उन्हें चंडीगढ़ जाने से रोक दिया और मुख्यमंत्री से मुलाकात भी नहीं करने दी जा रही।
उन्होंने बताया कि अब तक 1271 कर्मचारी अपनी मांग को लेकर धरना दे रहे हैं। यह सभी कर्मचारी चाहते हैं कि उन्हें एचकेआरएन पोर्टल पर जोड़ा जाए ताकि उन्हें जॉब सिक्योरिटी और सरकारी सुविधाएं मिल सकें।
📞 7772828778 | 7723024600
2021 की नीति के तहत मांग
कर्मचारियों ने याद दिलाया कि हरियाणा सरकार ने सितंबर 2021 में HKRN पॉलिसी बनाई थी, जिसके तहत राज्य के सभी अनुबंध कर्मचारियों को इस पोर्टल से जोड़ने का प्रावधान है।
उनका कहना है कि “जब राज्य के अधिकांश कर्मचारियों को जोड़ा जा चुका है, तो पीजीआईएमएस रोहतक के कर्मचारियों को क्यों नजरअंदाज किया गया?”
वेतन वृद्धि और एरियर की भी मांग
धरने पर बैठे कर्मचारियों का कहना है कि न तो उनकी सेलरी में बढ़ोतरी की गई है और न ही 2022 से बकाया एरियर का भुगतान हुआ है।
उन्होंने मांग की कि सभी कर्मचारियों को HKRN के तहत एरियर और जॉब सिक्योरिटी पत्र जारी किए जाएं।
धरने में राकेश, सुकन्या, ईश्वंती, अमित, दिलबाग, अशोक और सुनीता सहित कई कर्मचारी मौजूद रहे।












