आदिवासी अधिकार, नालसा योजनाएं, हेल्पलाइन 15100 और प्रदूषण नियंत्रण पर विद्यार्थियों को दी गई महत्वपूर्ण जानकारी
सवाईमाधोपुर। सत्यनारायण शर्मा। The India Speaks Desk
तालुका विधिक सेवा समिति खंडार के तत्वावधान में मंगलवार, 20 नवंबर 2025 को राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई कॉलेज), खंडार में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। यह आयोजन माननीय राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सवाई माधोपुर के निर्देशानुसार किया गया।
शिविर में पैनल अधिवक्ता श्री नागाराम मीणा ने विद्यार्थियों को न्याय आपके द्वार–लोक उपयोगिता समस्याओं का सुलभ और त्वरित समाधान अभियान के बारे में विस्तार से बताया। साथ ही उन्होंने आदिवासी समुदाय के अधिकारों एवं उनसे संबंधित महत्वपूर्ण कानूनी प्रावधानों की जानकारी भी साझा की।
“न्याय आपके द्वार अभियान नागरिकों को उनके अधिकारों से परिचित कराने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है, जो ग्रामीण क्षेत्रों में न्याय को सरल और सुगम बनाता है।”
— श्री नागाराम मीणा, पैनल अधिवक्ता
पर्यावरण संरक्षण: वृक्षारोपण और प्रदूषण नियंत्रण पर प्रेरणादायी संदेश
पैनल अधिवक्ता श्री रवि शंकर गर्ग ने कहा कि बढ़ते पर्यावरण प्रदूषण के कारण मानव जीवन पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने विद्यार्थियों को अधिकाधिक वृक्षारोपण करने और पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया।
“पर्यावरण प्रदूषण आज की सबसे बड़ी वैश्विक चिंता है, जिसका समाधान सामूहिक प्रयासों से ही संभव है।”
— श्री रवि शंकर गर्ग, पैनल अधिवक्ता
इसके साथ ही उन्होंने नालसा योजनाओं, निशुल्क विधिक सहायता तथा पीड़ित प्रतिकर योजना के बारे में भी विस्तार से बताया।
नालसा हेल्पलाइन, लोक अदालत और साइबर अपराधों पर जागरूकता
तालुका लिपिक श्री गणपत सैनी ने आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत, स्थायी लोक अदालत तथा नालसा हेल्पलाइन नंबर 15100 की उपयोगिता पर विद्यार्थियों को जानकारी प्रदान की।
अधिकार मित्र श्रीमती संजीविका सोनी ने न्याय आपके द्वार अभियान के महत्व के साथ-साथ बढ़ते साइबर अपराधों से बचाव के उपाय भी बताए।
शिविर में आईटीआई कॉलेज खंडार के प्रधानाचार्य श्री दिनेश बैरवा, कॉलेज स्टाफ एवं करीब 100–120 विद्यार्थी उपस्थित रहे। अंत में प्रधानाचार्य ने विद्यार्थियों को नालसा योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने तथा कानूनी जागरूकता के माध्यम से समस्याओं का समाधान करने के लिए प्रेरित किया। विद्यार्थियों को फॉर्म एवं पंपलेट भी वितरित किए गए।












