कॉफी टेबल बुक ‘Prominent Sikhs of Haryana’ में दर्ज हुई प्रेरक जीवन गाथाएं
करनाल। राजेंद्र करनाल | The India Speaks
एक ओअंकार मीडिया द्वारा इंटरनेशनल सिख फोरम और चड़दी कला ग्रुप के सहयोग से करनाल में प्रदेश स्तरीय आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में हरियाणा के विभिन्न जिलों से आए सिख समाज की 60 प्रमुख हस्तियों को “Eminent Sikh of Haryana Award” से सम्मानित किया गया। साथ ही उनके प्रेरक जीवन और उपलब्धियों को “Prominent Sikhs of Haryana” नामक कॉफी टेबल बुक में प्रकाशित किया गया।
कॉफी टेबल बुक में हरियाणा की सिख रियासतों का इतिहास, ऐतिहासिक गुरुद्वारों का विवरण, शिरोमणि कमेटी व हरियाणा कमेटी के सभी सदस्यों, राज्य के सिख सांसदों, मंत्रियों, विधायकों, उच्च न्यायालय के जजों, आईएएस-आईपीएस अधिकारियों, साहित्यकारों, कवियों और अन्य प्रतिष्ठित सिख हस्तियों का विस्तृत उल्लेख किया गया है।
कार्यक्रम में शामिल रही सिख समाज की विभूतियां
गोल्डन मोमेंट्स में आयोजित इस समारोह में डेरा कार सेवा प्रमुख बाबा सुखा सिंह, प्रसिद्ध विद्वान ज्ञानी साहिब सिंह, पद्मश्री डॉ. जगजीत सिंह दर्दी, हरियाणा सिख जुडिशियल कमीशन के चेयरमैन जस्टिस दर्शन सिंह, कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी के पूर्व वाइस चांसलर लेफ्टिनेंट जनरल डी. डी. एस. संधु, आदेश यूनिवर्सिटी के चांसलर डॉ. हरिंदर सिंह गिल, हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी के प्रधान जत्थेदार जगदीश सिंह झिंडा, पंजाबी साहित्य अकादमी के निदेशक हरपाल सिंह, सागा म्यूजिक के चेयरमैन गुरबक्स सिंह मनचंदा, और कार्यक्रम आयोजक प्रीतपाल सिंह पन्नू सहित अनेक गणमान्य हस्तियां उपस्थित रहीं।
विभिन्न क्षेत्रों की सिख विभूतियों को मिला स्थान
इस कॉफी टेबल बुक में धर्म, न्याय, प्रशासन, खेल, व्यापार, समाज सेवा, शिक्षा, किसानी और साहित्य जैसे विभिन्न क्षेत्रों में योगदान देने वाली सिख विभूतियों को स्थान दिया गया है। इनमें भाई पिंडरपाल सिंह, जस्टिस वीरेंद्र सिंह, संदीप सिंह, सरदार सिंह, हरविंदर सिंह (पद्मश्री), मनजिंदर सिंह सिरसा, आर. एस. चीमा, गुरनाम सिंह चाड़ुनी, डॉ. एम. एस. शाह, डॉ. बी. एस. गाबा, प्रो. भूपिंदर सिंह, विक्रमजीत विर्क सहित कई नाम शामिल हैं।
“गुरु तेग़ बहादुर जी के हरियाणा से संबंधों पर डाक्यूमेंट्री हुई रिलीज़, लोगों ने सराहा”
कार्यक्रम के दौरान “गुरु तेग़ बहादुर जी – हरियाणा की धरती और पवित्र निशान” शीर्षक से एक विशेष डॉक्यूमेंट्री भी रिलीज़ की गई।
इस फिल्म में उन ऐतिहासिक स्थानों का उल्लेख किया गया है जहां गुरु तेग़ बहादुर जी ने अपने जीवनकाल में हरियाणा की भूमि को पवित्र किया था, और जहाँ उनके शीश को लेकर भाई जैता जी रुके थे।
दर्शकों ने इस डाक्यूमेंट्री को खूब सराहा और इसे स्कूलों में विद्यार्थियों को दिखाने की मांग की।












