धौलपुर। दीपू वर्मा | The India Speaks
दौसा सड़क हादसे में शहीद हुए धौलपुर पुलिस के जांबाज कांस्टेबल संदीप शर्मा को गुरुवार को जिला मुख्यालय स्थित चंबल मुक्तिधाम पर राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। परिजनों और पुलिस के जवानों ने तिरंगे में लिपटी अर्थी को कंधा दिया। पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान सहित अधिकारियों ने पुष्पचक्र अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब
पोस्टमार्टम के बाद पार्थिव शरीर को सवाई मानसिंह अस्पताल, जयपुर से धौलपुर लाया गया। दोपहर बाद निकली अंतिम यात्रा में भारी संख्या में लोग शामिल हुए। मुक्तिधाम पर “जब तक सूरज-चांद रहेगा, संदीप तेरा नाम रहेगा” के नारों से वातावरण गूंज उठा।
अंतिम संस्कार के समय पुलिस बैंड की ओर से मातमी धुन बजाई गई और सम्मान स्वरूप 15 राउंड फायर किए गए।
पुलिस विभाग में शोक की लहर
कांस्टेबल संदीप शर्मा की असामयिक मृत्यु से पुलिस विभाग में गहरा शोक है।
पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान ने कहा—
“संदीप शर्मा राजस्थान पुलिस का एक जांबाज जवान था, जो हमेशा अपने फर्ज और कर्तव्य के प्रति समर्पित रहा। उनकी मृत्यु से पुलिस विभाग को अपूरणीय क्षति हुई है।”
उन्होंने परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की।
कैसे हुआ हादसा?
संदीप शर्मा पुलिस विभाग में चालक के पद पर भर्ती हुए थे और वर्तमान में पुलिस लाइन धौलपुर में सेवाएं दे रहे थे।
मंगलवार को वे पुलिस लाइन का चालानी गार्ड लेकर नागौर से लौट रहे थे। वाहन में कुख्यात डकैत धर्मेंद्र उर्फ लुक्का, एएसआई भंवर सिंह और अन्य पुलिसकर्मी सवार थे।
जयपुर-आगरा हाईवे पर काला खोह, दौसा के पास ट्रक से भीषण टक्कर हो गई। इस हादसे में संदीप शर्मा की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि अन्य पुलिसकर्मी और आरोपी घायल हो गए।












