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बड़वाह (खरगोन), म.प्र. | द इंडिया स्पीक्स डेस्क

इंदौर–इच्छापुर नेशनल हाइवे, जिसे अरबों रुपए की लागत से तैयार किया जा रहा है, अभी निर्माणाधीन अवस्था में है। न तो NHAI (भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण) और न ही निर्माण एजेंसी द्वारा अब तक इस मार्ग को कंप्लीशन सर्टिफिकेट जारी किया गया है।

इसके बावजूद एसोसिएटेड अल्कोहल एंड ब्रेवरीज लिमिटेड, ग्राम खोड़ी (बड़वाह) द्वारा इस अधूरी सड़क पर भारी वाहनों की लगातार आवाजाही की जा रही है।

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🚛 भारी ट्रक कर रहे नियमों का खुला उल्लंघन

शराब, DDGS, और कच्चे माल से लदे ट्रक रोज़ाना इस अधूरे नेशनल हाइवे पर दौड़ रहे हैं। इससे एक ओर सड़क की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है, वहीं दूसरी ओर यह गतिविधि NHAI और MoRTH के दिशानिर्देशों का सीधा उल्लंघन है।

⚠️ NHAI और प्रशासन की चुप्पी

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सबसे चिंताजनक तथ्य यह है कि:

NHAI ने अब तक कोई कार्यवाही नहीं की

स्थानीय प्रशासन ने भी चुप्पी साध रखी है

जबकि कानून साफ कहता है कि बिना कंप्लीशन सर्टिफिकेट के किसी निर्माणाधीन हाईवे का उपयोग आम परिवहन या निजी संस्थाओं द्वारा नहीं किया जा सकता।

🧱 पंचायत से भी नहीं ली अनुमति, सड़क से सटा चढ़ाव बनवाया

ग्राम पंचायत कदवालिया (खोड़ी) के सरपंच श्री भगत सिंह पटेल ने The India Speaks को बताया:

“एसोसिएटेड अल्कोहल एंड ब्रेवरीज लिमिटेड ने पंचायत या प्रशासन की कोई अनुमति लिए बिना, नेशनल हाइवे के सर्विस रोड से सटाकर ढलाननुमा चढ़ाव बना दिया है। यह भविष्य में गंभीर सड़क दुर्घटनाओं का कारण बन सकता है। यह पूरी तरह से NHAI की गाइडलाइन का उल्लंघन है।”

🏗️ क्या कहता है कानून?

भारत सरकार के MoRTH और MP Lokpath Adhiniyam, 1955 के अनुसार:

राष्ट्रीय राजमार्ग से 70 से 100 मीटर के भीतर कोई भी स्थायी निर्माण बिना अनुमति के नहीं किया जा सकता।

निर्माण से पहले NHAI, स्थानीय प्रशासन और पंचायत से अनिवार्य अनुमति लेना होता है।

🔴 यदि कोई कंपनी यह नियम तोड़ती है, तो उसके विरुद्ध विधिक कार्यवाही की जा सकती है — जैसे निर्माण सील करना, ध्वस्तीकरण या फाइन लगाना।


💰 अरबों की परियोजना खतरे में

यह हाइवे अरबों की लागत से बन रहा है। लेकिन निजी कंपनियों द्वारा नियमों की अनदेखी से इसके निर्माण की गुणवत्ता, सुरक्षा और भविष्य की योजना पर गंभीर संकट मंडरा रहा है।

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