सभी धाराओं पर 10-10 हजार जुर्माना, नहीं भरने पर 6 माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास भी तय
बडूद/खरगोन। आकाश बिड़ला| The India Speaks
ग्राम पंचायत बडुद, जनपद पंचायत बड़वाह (जिला खरगोन) में पूर्व पंचायत सचिव चंद्र शेखर पिता राजाराम कर्मा एवं पूर्व सरपंच राधेश्याम पिता नंदराम मंडलोई द्वारा शासन की योजनाओं से जुड़े फर्जी जॉब कार्ड तैयार कर ₹1,47,054 की राशि निकालने का मामला सामने आया था। लोकायुक्त संगठन इंदौर की जांच में आरोप सिद्ध होने पर न्यायालय ने दोनों आरोपियों को 3 वर्ष के सश्रम कारावास व सभी धाराओं पर ₹10- 10 हज़ार के अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड न देने की स्थिति में 6 माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा।
लोकायुक्त जांच में उजागर हुआ भ्रष्टाचार
शिकायतकर्ता शेर सिंह सोलंकी निवासी बदूद द्वारा वर्ष 2012 में लोकायुक्त भोपाल में शिकायत दर्ज कराई गई थी। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने ग्राम पंचायत बडुद में फर्जी मजदूरी कार्य दर्शाते हुए योजनाओं से ₹1.47 लाख की राशि निकाल ली। फर्जी जॉब कार्ड तैयार कर शासन को गुमराह किया गया।
इन धाराओं में दर्ज हुआ मामला
भारतीय दंड संहिता (IPC) की धाराओं 409 (आपराधिक न्यासभंग), 420 (धोखाधड़ी), 467, 468, 471 (जालसाजी) के तहत मामला दर्ज किया गया था।
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अभियोजन की ओर से जी.एस. चौहान ने रखा पक्ष
अभियोजन पक्ष की ओर से वकील श्री जी.एस. चौहान ने कोर्ट में तर्क दिया कि यह अपराध शासन के संसाधनों की चोरी है, जिससे न केवल आर्थिक क्षति हुई बल्कि प्रशासनिक विश्वास भी टूटा है। इस गंभीर अपराध में कठोर सजा आवश्यक है।
रक्षा पक्ष की दलील कोर्ट ने की अस्वीकार
रक्षा पक्ष की ओर से तर्क दिया गया कि अभियुक्तों का यह पहला अपराध है और निकाली गई राशि भी बहुत अधिक नहीं है, इसलिए उन्हें रियायत दी जानी चाहिए। लेकिन न्यायालय ने इन दलीलों को अस्वीकार करते हुए कहा कि यह भ्रष्टाचार का गंभीर उदाहरण है, जिसे केवल सजा देकर ही रोका जा सकता है।












