सोयाबीन उत्पादकों को मिलेगा ₹5328 प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य का सीधा फायदा
खरगोन: 30 सितंबर 2025। मध्य प्रदेश सरकार द्वारा शुरू की गई भावांतर भुगतान योजना का लाभ सुनिश्चित करने के लिए खरगोन प्रशासन पूरी तरह से सक्रिय हो गया है। कलेक्टर सुश्री भव्या मित्तल ने सोमवार को कलेक्ट्रेट कक्ष से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (वी.सी.) के माध्यम से इस योजना के क्रियान्वयन की गहन समीक्षा की। उन्होंने कड़े निर्देश दिए कि भावांतर योजना का फायदा केवल वास्तविक किसानों को ही मिले, किसी भी व्यापारी को नहीं।
वी.सी. में एडीएम श्रीमती रेखा राठौर, सीईओ जिला पंचायत श्री आकाश सिंह, कृषि एवं संबंधित अधिकारी, और सभी एसडीएम शामिल हुए।
पारदर्शिता पर कलेक्टर का विशेष ज़ोर
कलेक्टर मित्तल ने सभी एसडीएम को ब्लॉक स्तर पर जनप्रतिनिधियों, मंडी सचिवों, कृषि अधिकारियों, किसान संगठनों और लाइसेंसी व्यापारियों के साथ तत्काल बैठकें आयोजित करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि मंडियों में किसान अपनी फसल स्वयं बेचें, यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी व्यापारी किसानों के नाम पर फसल न बेचे।
प्रमुख निर्देश और घोषणाएं:
- समर्थन मूल्य का लाभ: सोयाबीन का उत्पादन करने वाले किसानों को फसल विक्रय करने पर ₹5328 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य का लाभ मिलेगा।
- पंजीयन और खरीदी की तारीखें:
- उपार्जन (खरीदी) के लिए पंजीयन 03 अक्टूबर से शुरू होगा।
- सोयाबीन फसल की खरीदी 24 अक्टूबर से प्रारंभ होगी।
- रकबे का सत्यापन: किसानों के रकबे का सत्यापन राजस्व विभाग की टीम द्वारा किया जाएगा।
- नोडल व्यवस्था: हर मंडी के लिए नोडल अधिकारी, भारसाधक अधिकारी और नोडल एसडीएम तैनात रहेंगे।
- खरीदी की वीडियोग्राफी: पूरी खरीदी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए वीडियोग्राफी कराने के निर्देश दिए गए हैं।
- बोली और ग्रेडिंग: कलेक्टर ने मंडियों में व्यापारियों को बोली लगाने के निर्देश दिए और एफएक्यू (FAQ) ग्रेड की सोयाबीन खरीदते समय मापदंडों का पालन सुनिश्चित करने को कहा।
कम दर पर बिके लॉट की होगी जाँच
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योजना में किसी भी तरह की धांधली रोकने के लिए कलेक्टर ने एक महत्वपूर्ण व्यवस्था लागू करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि पिछले दिन के मॉडल रेट की तुलना में जो लॉट कम दर पर बिके हों, उनका नमूना संरक्षित किया जाए और यह जांच की जाए कि वह लॉट एफएक्यू ग्रेड का है या नहीं। प्रत्येक मंडी में इसके लिए एक स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है।
कलेक्टर ने उन क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया, जहाँ सोयाबीन की पैदावार अधिक है, ताकि सभी किसानों को योजना के लाभ से सही समय पर अवगत कराया जा सके। उन्होंने पंचायत स्तर पर भी पेम्पलेट चस्पा कर योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करने को कहा।
(द इंडिया स्पीक्स)











