बड़वाह गुरुद्वारे में दो दिवसीय आयोजनों की शुरुआत सहज पाठ की संपूर्णता से हुई
बड़वाह। The India Speaks Desk
सिखों के चौथे गुरु श्री गुरु रामदास साहेब जी का प्रकाश पर्व बड़वाह में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। स्थानीय गुरुद्वारा साहिब बड़वाह में आयोजित इस दो दिवसीय आयोजन की शुरुआत सहज पाठ की संपूर्णता से हुई। इसके पश्चात अमृतसर से पधारे ज्ञानी सुखदेव सिंह जी प्रकाश ने कथा व्याख्यान के माध्यम से गुरु जी के जीवन वृतांत का वर्णन किया।
गुरु रामदास जी के जीवन व शिक्षाएं संगत को सुनाई गईं
ज्ञानी सुखदेव सिंह जी ने बताया कि गुरु रामदास जी ने अमृतसर में ‘अमृत सरोवर’ का निर्माण आरंभ करवाया, जो आज सिख धर्म का प्रमुख तीर्थस्थल है। उन्होंने सिख विवाह की नई और सरल विधि ‘आनंद कारज’ की स्थापना की, जिसमें चार लावों (फेरों) का विधान किया गया। इसके साथ ही, उन्होंने संगत से राजस्व एकत्र करने हेतु ‘मसंद प्रणाली’ की शुरुआत की थी।
कीर्तन से निहाल हुई संगत
इसके पश्चात भाई साहेब भाई बुध सिंह जी और रिक्की सिंह जी के जत्थे ने भजन-कीर्तन प्रस्तुत कर संगत को निहाल किया। पूरे वातावरण में भक्ति और श्रद्धा का माहौल छा गया।
कल भी होंगे विशेष आयोजन
श्री गुरु सिंघ सभा बड़वाह के अध्यक्ष सरदार रविंदर सिंह ने बताया कि कल भी विशेष धार्मिक कार्यक्रम होंगे, जिनमें श्री दरबार साहिब अमृतसर के हजूरी रागी भाई साहेब भाई राय सिंह जी बड़वाह की संगत को कीर्तन के माध्यम से निहाल करेंगे।
संगत को धन्यवाद और अपील
सचिव द्वय सरदार मनप्रीत सिंह एवं सरदार सतविंदर सिंह ने आज पधारी हुई संगत का धन्यवाद ज्ञापित किया और कल होने वाले आयोजन में तन, मन और धन से शामिल होने की अपील की।
उक्त जानकारी समिति के मीडिया प्रभारी सरदार परविंदर सिंह ने दी।
📞 7772828778 | 7723024600












