करही /खरगोन | संवाददाता: प्रभु रंसोरे
बंडेरा (खरगोन) — ग्राम पंचायत बंडेरा में सफाई व्यवस्था को लेकर बड़ा फर्जीवाड़ा और लापरवाही सामने आई है। पंचायत को हर साल साफ-सफाई और स्वच्छता अभियान के नाम पर लाखों रुपये का बजट मिलता है, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई काम दिखाई नहीं देता। गांव की गलियों में कचरे के ढेर, नालियों में जाम और बदबू फैलने से ग्रामीणों में आक्रोश है।


ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत द्वारा सफाई कर्मचारियों की उपस्थिति केवल कागजों पर दर्ज की जाती है, जबकि वास्तविकता में कोई सफाई नहीं होती। पंचायत सचिव और सरपंच पर बजट का दुरुपयोग करने के आरोप लग रहे हैं।
गांव के नागरिकों ने बताया कि कई बार शिकायतें ब्लॉक कार्यालय तक की गईं, परंतु कार्रवाई नहीं हुई। वहीं, स्वच्छ भारत मिशन की गाइडलाइन के तहत नियमित सफाई और कचरा निस्तारण की व्यवस्था अनिवार्य है, लेकिन पंचायत स्तर पर इस पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि पंचायत में हुए खर्च और सफाई कार्य की जांच की जाए तथा जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई हो।
“हर साल लाखों रुपये सफाई मद में आते हैं, लेकिन गांव की हालत देखकर लगता है कि सब केवल कागजों पर खर्च हुआ है,” — ग्रामीणों का आरोप।












