बड़वाह गुरुद्वारा में ज्ञानी कुलविंदर सिंह खरड़ जी के जत्थे ने किया भावपूर्ण कीर्तन
बड़वाह। लोकेश कोचले । The India Speaks Desk
सिक्खों के नौवें गुरु श्री गुरु तेग बहादुर साहेब जी के शहादत दिवस पर स्थानीय बड़वाह गुरुद्वारा में आयोजित तीन दिवसीय धार्मिक कार्यक्रमों का समापन श्रद्धा और भावपूर्ण वातावरण में हुआ। अंतिम दिवस के शाम के दिवान में ज्ञानी कुलविन्दर सिंह खरड़ जी के जत्थे ने कीर्तन की अमृत वर्षा कर संगत को निहाल किया।
जत्थे द्वारा प्रस्तुत कीर्तन ने पूरे परिसर को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। उन्होंने “तिलक जंञू राखा प्रभ ताका॥ कीनो बडो कलू महि साका॥ …” जैसे शबदों का भावपूर्ण गायन किया, साथ ही “श्री गुरु तेग बहादुर हिंद की चादर, वाहेगुरु वाहेगुरु” का सिमरन भी करवाया।
“गुरुजी का बलिदान केवल धर्म पालन के लिए नहीं, बल्कि संपूर्ण मानवता और सांस्कृतिक विरासत की रक्षा हेतु था।” — समिति अध्यक्ष रविंदर सिंह भाटिया
समिति ने जत्थे व संगत का किया आभार
समिति के सचिव द्वय सरदार मनप्रीत सिंह एवं सरदार सतविंदर सिंह ने बताया कि तीन दिवसीय कार्यक्रमों में संगत ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर गुरु साहेब के मूल्य–संदेश को आत्मसात किया।
इससे पूर्व जत्थे का उत्साहपूर्वक स्वागत सरदार रमिंदर सिंह के आवास पर किया गया।
📞 7772828778 | 7723024600
पूरे आयोजन में सरदार रमिंदर सिंह, सरदार जसप्रीत सिंह, सरदार जसपाल सिंह, सरदार गुरुचरण सिंह, सरदार भूपेंदर सिंह, सरदार त्रिलोचन सिंह, सरदार गुरदीप सिंह और सरदार हरभजन सिंह ने विशेष सहयोग प्रदान किया।
कार्यक्रम के अंत में संगत के लिए लंगर का आयोजन किया गया।
उक्त जानकारी समिति के मीडिया प्रभारी सरदार परविंदर सिंह द्वारा प्रदान की गई।












