रक्तदान को जनआंदोलन बनाने की पहल, समाजसेवी संगठनों के साथ प्रशासन की साझा रणनीति
खंडवा। The India Speaks Desk
रक्तदान को प्रोत्साहित करने और इससे जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने के उद्देश्य से गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में रक्तदान से जुड़े समाजसेवी संगठनों के प्रतिनिधियों की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर श्री ऋषव गुप्ता ने की। इस दौरान उन्होंने जिला अस्पताल प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए कि रक्तदान करने वाले नागरिकों को सम्मानित किया जाए और उन्हें प्रशस्ति पत्र प्रदान कर प्रोत्साहित किया जाए।
बैठक में कलेक्टर श्री गुप्ता ने जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. अनिरुद्ध कौशल को निर्देशित किया कि ब्लड बैंक में रक्तदान के लिए आने वाले रक्तदाताओं को फल, ताजे फलों का रस तथा स्मृति चिन्ह के रूप में रक्तदान प्रेरक संदेशों वाले कैरी बैग और चाबी के छल्ले उपलब्ध कराए जाएं, ताकि लोग स्वेच्छा से आगे आएं।
कलेक्टर श्री गुप्ता ने रक्तदान के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के लिए शीघ्र एक विशाल रैली आयोजित करने के निर्देश दिए, जिसमें जिले के सभी समाजसेवी संगठनों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि रक्तदान शिविरों के आयोजन से पहले उनकी तिथि और स्थान का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि अधिक से अधिक लोग रक्तदान कर सकें।
रिमाइंडर सिस्टम, हेल्पलाइन और स्थायी यूनिट की योजना
बैठक में कलेक्टर ने यह भी निर्देश दिए कि स्वेच्छा से रक्तदान करने वाले व्यक्तियों को चार माह बाद पुनः रक्तदान के लिए रिमाइंडर सुविधा विकसित की जाए। इसके साथ ही रक्तदाताओं के लिए एक विशेष हेल्पलाइन शुरू करने के निर्देश सिविल सर्जन एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी को दिए गए।
उन्होंने ओंकारेश्वर में मंदिर ट्रस्ट और रेडक्रॉस के सहयोग से रक्तदान हेतु एक स्थायी यूनिट प्रारंभ करने की बात भी कही।
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कलेक्टर श्री गुप्ता ने रक्तदान को लेकर जिले के पंच-सरपंचों एवं पार्षदों की एक विशेष कार्यशाला आयोजित करने के निर्देश दिए, ताकि जनप्रतिनिधि स्वयं आगे आकर लोगों को प्रेरित करें। साथ ही ब्लड बैंक की चलित इकाई में आ रही तकनीकी खराबियों को शीघ्र दूर करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक के अंत में कलेक्टर ने निर्देश दिए कि रक्तदान से जुड़ी गलतफहमियों को दूर करने वाले संदेशों से युक्त फ्लेक्स और सूचना बोर्ड बाजारों एवं प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर लगाए जाएं, ताकि आमजन में सही जानकारी पहुंचे और रक्तदान के प्रति सकारात्मक माहौल बने।












