न्यायाधीश सुश्री प्रीति जैन ने छात्र-छात्राओं को पोक्सो एक्ट, साइबर अपराध और अनुशासन का दिया संदेश
बड़वाह/खरगोन। The India Speaks Desk
मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देश पर 11 अक्टूबर 2025 को बड़वाह तहसील के विभिन्न विद्यालयों में विधिक साक्षरता शिविर आयोजित किए गए।
कार्यक्रम का संचालन न्यायाधीश एवं सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मंडलेश्वर, सुश्री प्रीति जैन के मार्गदर्शन में किया गया। उन्होंने क्रमशः शासकीय प्राथमिक विद्यालय लोंदी बी, शासकीय प्राथमिक/माध्यमिक विद्यालय लखनपुर, जगतपुरा, बरझर और सोरठ बारूल में अलग-अलग शिविरों के माध्यम से विद्यार्थियों को कानूनी जानकारी दी।
छात्राओं को गुड टच-बैड टच और पोक्सो एक्ट की दी जानकारी
कार्यक्रम के दौरान सुश्री प्रीति जैन ने छात्राओं को पोक्सो एक्ट (POCSO Act) के तहत बाल सुरक्षा अधिकारों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी प्रकार की गलत हरकत या अनुचित स्पर्श हो, तो डरने के बजाय तुरंत आवाज उठाना चाहिए।
“यदि आपके साथ कोई गलत हरकत होती है, तो चुप न रहें — चिल्लाएं और भरोसेमंद व्यक्ति को तुरंत बताएं। पोक्सो एक्ट में आपकी पूरी सुरक्षा का ध्यान रखा गया है।”
— सुश्री प्रीति जैन, न्यायाधीश एवं सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मंडलेश्वर
उन्होंने बताया कि बलात्कार जैसी घटनाओं में सरकार द्वारा पीड़िता को ₹2 लाख की आर्थिक सहायता दी जाती है और उसका नाम गोपनीय रखा जाता है। किसी व्यक्ति द्वारा पीड़िता की पहचान उजागर करने पर कानूनी कार्रवाई और सजा का प्रावधान है।
साइबर अपराध और मोबाइल उपयोग पर दी सावधानी की सलाह
सुश्री जैन ने विद्यार्थियों को मोबाइल के दुष्परिणामों के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि मोबाइल का अत्यधिक उपयोग मानसिक स्वास्थ्य पर असर डाल सकता है, इसलिए इसका इस्तेमाल संयम और समझदारी से करें।
किसी को गलत संदेश या फोटो भेजना साइबर अपराध (Cyber Crime) की श्रेणी में आता है। यदि कुछ गलत हो, तो माता-पिता या शिक्षकों को तुरंत बताना चाहिए।
अनुशासन और नैतिकता पर दिया जोर
सुश्री जैन ने कहा कि विद्यार्थी जीवन में अनुशासन सबसे बड़ी पूंजी है।
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“अनुशासन से ही उज्जवल भविष्य का निर्माण संभव है। जो विद्यार्थी अनुशासन का पालन करता है, वही जीवन में सफलता प्राप्त करता है।”
इस अवसर पर बीईओ रेवाराम वर्मा, पैरालीगल वालंटियर कु. अंजली कर्मा, विद्यालयों के प्राचार्य, शिक्षकगण, अन्य स्टाफ और विद्यार्थी उपस्थित रहे।












