बड़वाह। The India Speaks Desk
प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी परंपरा का निर्वहन करते हुए विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने बड़वाह के विभिन्न स्थानों पर शस्त्र पूजन का आयोजन किया। इस अवसर पर समाज के सभी धर्मावलंबियों ने अपनी-अपनी बस्तियों में शस्त्र पूजन किया।
दुर्गा चालीसा और वैदिक परंपरा का निर्वहन
विभिन्न पंडालों में मां दुर्गा की पूजा आरती के पश्चात दुर्गा चालीसा का पाठ किया गया। इसके बाद सभी ने वैदिक परंपरानुसार शस्त्रों का पंचोपचार पूजन कर मां भवानी से धर्म और देश की सुरक्षा के लिए शक्ति की प्रार्थना की।
विहिप का संदेश: शस्त्र और शास्त्र दोनों जरूरी
संगठन के प्रखंड मंत्री देशा मेराणा ने बताया कि वैदिक परंपरा में शस्त्र और शास्त्र दोनों की शिक्षा और उपयोग का महत्व है। उन्होंने कहा—
“देश और धर्म की सुरक्षा के लिए जितने शस्त्र महत्वपूर्ण हैं, उतना ही शास्त्र भी। भावी पीढ़ी तक परंपरा का महत्व पहुँचाने और देश के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए विहिप प्रतिवर्ष शारदीय नवरात्र में यह आयोजन करता है।”
विजयादशमी तक जारी रहेगा आयोजन
इस क्रम में सप्तमी से विभिन्न खंडों में शस्त्र पूजन का कार्य आरंभ हुआ है, जो विजयादशमी तक जारी रहेगा। आज नगर की बजरंग बस्ती के अलावा बलवाड़ा, काटकूट, बावी एवं जेठवाय खंड में शस्त्र पूजन का कार्यक्रम संपन्न हुआ। शेष खंडों में यह आयोजन विजयादशमी तक संपन्न होगा।
कार्यकर्ताओं की मौजूदगी
कार्यक्रम में विहिप बजरंग दल के प्रखंड मंत्री देशा मेराणा, नगर संयोजक अभिषेक साधौ सहित विभिन्न कार्यकर्ता उपस्थित रहे।












