धारा 64, 66 व 103(1) बीएनएस में आजीवन कारावास व अर्थदंड से दंडित
खंडवा, अनिल चौरसिया । The India Speaks Desk
तहसील हरसूद जिला खंडवा स्थित अतिरिक्त सत्र न्यायालय ने जघन्य एवं चिन्हित प्रकरण में फैसला सुनाते हुए आरोपी हरिराम उर्फ हरि (निवासी ग्राम ईटवा, थाना खालवा) को तिहरा आजीवन कारावास एवं अर्थदंड से दंडित किया है।
माननीय न्यायालय श्री पुष्पक पाठक (अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश, हरसूद) ने आरोपी को धारा 64 बीएनएस में आजीवन कारावास व ₹10,000 अर्थदंड, धारा 66 बीएनएस में शेष प्राकृतिक जीवनकाल तक आजीवन कारावास व ₹10,000 अर्थदंड तथा धारा 103(1) बीएनएस में आजीवन कारावास व ₹10,000 अर्थदंड से दंडित किया।
अभियोजन के अनुसार 23 मई 2025 को गांव में एक शादी समारोह के दौरान पीड़िता रात में घर नहीं लौटी। अगले दिन सुबह उसे गंभीर हालत में पाया गया। परिजनों के अनुसार पीड़िता ने आरोपी द्वारा दुष्कर्म और गंभीर चोट पहुंचाने की बात बताई। उपचार से पूर्व ही उसकी मृत्यु हो गई।
फरियादी की रिपोर्ट पर थाना खालवा में अपराध क्रमांक 203/2025 दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई। पुलिस अधीक्षक खंडवा श्री मनोज कुमार राय के निर्देशन में प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए विशेष मॉनिटरिंग की गई।
थाना प्रभारी खालवा श्री जगदीश सिंधिया द्वारा साक्ष्यों का वैज्ञानिक संकलन किया गया। प्रकरण में डीएनए परीक्षण कराया गया, जिसकी रिपोर्ट सकारात्मक पाई गई। विवेचना पूर्ण होने पर अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक श्री अनिल चौहान ने प्रभावी पैरवी की।
न्यायालय ने अपने निर्णय में कहा —
“यदि ऐसे जघन्य अपराध में कम दंड दिया जाए तो समाज पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा और गंभीर अपराधों में नरमी का संदेश जाएगा।”
न्यायालय ने आरोपी के कृत्य को अत्यंत गंभीर मानते हुए तिहरा आजीवन कारावास का दंड सुनाया।
पुलिस अधीक्षक खंडवा ने जघन्य अपराध में आरोपी को तिहरा आजीवन कारावास से दंडित कराए जाने पर विवेचना अधिकारी को नगद ईनाम से पुरस्कृत करने की घोषणा की है।












