रिपोर्ट: प्रभु रन्सोरे | द इंडिया स्पीक्स
करही (मध्यप्रदेश), 16 जुलाई 2025
नेहरू मार्केट स्थित नेहरू पार्क क्षेत्र में वर्षों से चल रहे अतिक्रमण पर अब नगर परिषद ने सख्त रुख अपनाया है। प्रशासन द्वारा अतिक्रमणकारियों को 7 दिनों का अल्टीमेटम दिया गया था, जिसके बाद कार्रवाई शुरू हो गई है। कुछ लोगों ने खुद ही अपने ठेले और गुमटियां हटा ली हैं, लेकिन कई स्थानों पर अभी भी अवैध कब्जा बना हुआ है।
स्थानीयों की अपील: दें विकल्प, फिर हटाएं रोज़गार
करीब 20–30 वर्षों से अपने व्यवसाय को चला रहे दुकानदारों का कहना है कि वे अतिक्रमण हटाने को तैयार हैं, बशर्ते उन्हें अन्यत्र वैकल्पिक दुकानें मुहैया कराई जाएं। हालांकि प्रशासन ने अभी तक इस संबंध में कोई ठोस आश्वासन नहीं दिया है। बताया जा रहा है कि अतिक्रमण हटाकर उक्त स्थान पर बस स्टॉप बनाया जाएगा।
करही में अतिक्रमण और अव्यवस्था की जड़ें गहरी
नेहरू पार्क तक ही नहीं, अकीपुरा से पाड़लिया तक सड़क किनारे अतिक्रमण की भरमार है। सरकारी भूमि और भवनों पर भी कई रसूखदारों का कब्जा बना हुआ है। जनता को इस अराजकता की कीमत अपनी जान देकर चुकानी पड़ी है — बीते दिनों हुए 2-3 सड़क हादसे इसी अतिक्रमण की देन थे। इसके बावजूद नगर परिषद की कार्रवाई केवल गरीब दुकानदारों तक सीमित नजर आ रही है।
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सवाल यह भी है कि जिन दुकानदारों ने सड़क पर कब्जा किया है, उनके ग्राहक वाहन भी वहीं खड़े कर देते हैं, जिससे रोजमर्रा की आवाजाही बाधित होती है।
शौचालय संकट: महिलाओं के लिए बेहद कठिन हालात
करही नगर में शौचालय की स्थिति अत्यंत दयनीय है। अकीपुरा से पाड़लिया तक कोई भी सार्वजनिक शौचालय उपलब्ध नहीं है, जिससे खासकर महिलाओं को भारी कठिनाई का सामना करना पड़ता है। नेहरू मार्केट स्थित सहकारी बैंक के पीछे स्थित जर्जर शौचालय अब भी उपयोग में लाया जा रहा है, लेकिन यह मूलभूत सुविधाओं से कोसों दूर है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि कुछ समय पहले आए शौचालय निर्माण के प्रोजेक्ट को जन उपयोग की बजाय रसूखदारों और नेताओं ने अपने वार्ड या घर के पीछे बनवा लिया, ताकि उनके मुनीम और कामगार उसे प्रयोग कर सकें।
क्या कार्रवाई केवल गरीबों पर सख्त है?
अब देखने वाली बात यह होगी कि क्या नगर परिषद पूरे शहर से अतिक्रमण हटाने में समान रूप से कार्रवाई करेगी, या फिर यह अभियान सिर्फ निर्धनों और छोटे दुकानदारों तक ही सीमित रहेगा।












