गुरु पूर्णिमा के अवसर पर विद्यार्थियों ने जाना गुरु-शिष्य परंपरा का महत्व, सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रही धूम
खरगोन / बड़वाह/ द इंडिया स्पीक्स/ सोनू नायक
गुरु पूर्णिमा के शुभ अवसर पर निर्मल विद्यापीठ विद्यालय, बड़वाह का 13वां स्थापना दिवस हर्षोल्लास से मनाया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के प्राचार्य आशीष झा ने विद्यार्थियों को गुरु पूर्णिमा का महत्व बताते हुए कहा, “मनुष्य के जीवन के पहले गुरु उसके माता-पिता होते हैं, और जो विद्यार्थी उनका सम्मान करते हैं, वे सदैव सफलता की ओर अग्रसर रहते हैं।”
इस अवसर पर विद्यालय के डायरेक्टर श्री प्रतीक जैन ने सभी विद्यार्थियों व स्टाफ को स्थापना दिवस की शुभकामनाएं देते हुए विद्यालय के 12 वर्षों की विकास यात्रा को साझा किया। उन्होंने कहा कि, “जो बीज 12 साल पहले बोया गया था, वह आज एक वटवृक्ष बन चुका है।”
पद्मश्री जगदीश जोशीला ने सांस्कृतिक विरासत पर डाला प्रकाश
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रहे निमाड़ के गौरव, पद्मश्री से सम्मानित जगदीश जोशीला, जिन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा, “600 वर्षों से निमाड़ी संस्कृति हमारी पहचान रही है, और इसे सहेजना हम सबका दायित्व है।”
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इस मौके पर डायरेक्टर प्रतीक जैन और प्राचार्य आशीष झा द्वारा मुख्य अतिथि को शाल व श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया गया।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समा
विद्यालय के मीडिया प्रभारी जसविंदर सिंह भाटिया ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दी गईं। इस आयोजन को सफल बनाने में संगीत शिक्षक शिवम वर्मा, हर्षिता वर्मा, परमेंद्र सागर, और प्रकाश वर्मा सहित उप-प्राचार्य सिम्मी मैडम का अहम योगदान रहा।
विद्यालय प्रबंधन ने घोषणा की कि स्थापना दिवस की श्रृंखला में अब विद्यालय में सहज योग और मेडिटेशन की नियमित कक्षाएं संचालित की जाएंगी।












