व्यापारियों और नागरिकों ने किया चक्का जाम, पंचायत और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी
गोगावां। विशाल भमोरिया | The India Speaks
गोगावां नगर में पिछले बीस दिनों से सफाई कर्मियों की हड़ताल के कारण नगर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई है। रविवार को शहरवासियों और व्यापारियों का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा। जगह-जगह कचरे के ढेर और नालियों का पानी सड़कों पर बहने के कारण लोगों ने चक्का जाम कर पंचायत और प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।
पांच महीने से नहीं मिला वेतन, सफाई कर्मियों ने जताई नाराजगी
सफाई कर्मियों ने बताया कि उन्हें पिछले पांच महीनों से वेतन नहीं मिला है। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक बकाया वेतन नहीं दिया जाएगा, वे सफाई कार्य फिर से शुरू नहीं करेंगे। उनका आरोप है कि संबंधित विभागों की लापरवाही के कारण हालात इतने खराब हुए हैं।
प्रशासन मौके पर पहुंचा, एडिशनल सीईओ ने दिया समाधान का आश्वासन
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प्रदर्शन की सूचना मिलते ही जिला पंचायत के एडिशनल सीईओ मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से बातचीत की। उन्होंने सफाई कर्मियों को भी बुलाया और दो दिनों में बकाया वेतन जारी करने का आश्वासन दिया। उन्होंने यह भी बताया कि ग्राम पंचायत में सचिव नहीं होने के कारण वेतन प्रक्रिया रुकी हुई थी, जिसे जल्द ही नियुक्त कर समाधान किया जाएगा।
हर महीने लाखों की वसूली फिर भी सफाई पर खर्च नहीं


स्थानीय नागरिकों ने आरोप लगाया कि पंचायत द्वारा हाट बाजार से हर महीने लाखों रुपए की वसूली की जाती है, यहां तक कि सब्जी विक्रेताओं तक से रोजाना शुल्क लिया जाता है। इसके बावजूद सफाई व्यवस्था में घोर अनियमितता बरती जा रही है।
दीपावली और ईद पर भी गंदगी, क्या फिर दोहराएगी पंचायत वही लापरवाही?
गौरतलब है कि पिछले वर्ष दीपावली और ईद जैसे त्योहारों के समय भी एक महीने तक सफाई व्यवस्था ठप रही थी, तब भी वजह वही—सफाई कर्मियों को समय पर वेतन न मिलना—थी। इस बार भी हालात फिर उसी दिशा में बढ़ते दिखे। हालांकि इस बार आश्वासन मिला है कि सोमवार से सफाई कार्य दोबारा शुरू होगा।
शहरवासियों की अब उम्मीद है कि पंचायत और प्रशासन अपने वादे पर कायम रहेंगे, अन्यथा स्थिति फिर से बिगड़ सकती है।












