संकीर्तन से स्वच्छता अभियान तक, नार्मदीय समाज ने दिया जागरूकता का संदेश
सनावद। The India Speaks Desk
माँ नर्मदा जन्मोत्सव के पावन अवसर पर नार्मदीय युवा महासभा के मार्गदर्शन एवं नार्मदीय युवा संगठन सनावद द्वारा माँ नर्मदा के पवित्र मोरटक्का घाट पर दो दिवसीय विशेष धार्मिक एवं सामाजिक आयोजन संपन्न हुए। इन आयोजनों में एक ओर भक्ति की अविरल धारा बही, वहीं दूसरी ओर सेवा और स्वच्छता के माध्यम से समाज को जागरूकता का संदेश दिया गया।
उत्सव का शुभारंभ 25 जनवरी की रात्रि को मोरटक्का स्थित स्थानीय धर्मशाला के मंदिर परिसर में आयोजित भव्य संकीर्तन से हुआ।
“नर्मदे सर्वदे देवी, कष्टं हर मे शिवप्रिये”
के जयघोष और “हरे राम हरे कृष्ण” महामंत्र के निरंतर जाप से संपूर्ण वातावरण भक्तिमय हो गया।
इस संकीर्तन में समाज के वरिष्ठजनों, युवाओं एवं मातृशक्ति ने एक स्वर में माँ नर्मदा की महिमा का गुणगान किया।
स्वयं जागरूक बनकर घाटों पर किया श्रमदान


भक्ति के इस उत्साह को सेवा में परिवर्तित करते हुए 26 जनवरी की शाम को बड़ी संख्या में नार्मदीय समाज के सामाजिक बंधु, वरिष्ठजन, नार्मदीय युवा, मातृशक्ति एवं युवा वाहिनी की बहनें माँ नर्मदा के मोरटक्का घाट पहुँचीं।
“दूसरों को जागरूक करने से पहले स्वयं जागरूक बनें”
के मूल मंत्र के साथ घाटों पर व्यापक स्वच्छता अभियान चलाया गया। युवाओं ने घाटों पर बिखरी पूजन सामग्री एवं कचरे को हटाकर माँ नर्मदा के पावन तट को स्वच्छ किया।
स्वच्छता अभियान के पश्चात उपस्थित जनसमूह ने
“एक संकल्प सर्वदा, स्वच्छ निर्मल हो माँ नर्मदा”
का सामूहिक संकल्प लिया। आयोजकों ने कहा कि उत्सव की खुशियाँ मनाने के साथ-साथ घाटों की पवित्रता और मर्यादा बनाए रखना प्रत्येक भक्त का नैतिक दायित्व है। इस पुनीत सेवा कार्य में नर्मदा फाउंडेशन द्वारा स्वल्पाहार की व्यवस्था कर सहयोग प्रदान किया गया।
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इन आयोजनों में नार्मदीय समाज की बहनों, वरिष्ठजनों, ऊर्जावान युवाओं के साथ-साथ माँ नर्मदा भक्त संगठन मोरटक्का, सामाजिक संगठनों एवं ग्राम के रहवासियों ने सक्रिय सहभागिता निभाई। यह आयोजन समाज की एकता, धार्मिक आस्था और पर्यावरण संरक्षण के प्रति संवेदनशीलता की सशक्त मिसाल बनकर उभरा।












