“भविष्य की उड़ान” पहल बनी सामाजिक आंदोलन, ग्रामीणों ने बढ़ाया सहयोग का हाथ
सवाई माधोपुर। सत्यनारायण शर्मा | The India Speaks
जिला प्रशासन एवं शिक्षा विभाग के संयुक्त तत्वावधान में सवाई माधोपुर जिले में संचालित अभिनव पहल “भविष्य की उड़ान” ग्रामीण समाज में शिक्षा के प्रति जागरूकता, उत्तरदायित्व और जनभागीदारी को सशक्त रूप से बढ़ावा दे रही है। यह पहल अब केवल सरकारी योजना न रहकर सामाजिक आंदोलन का रूप ले चुकी है, जिसमें ग्रामीण स्वयं आगे बढ़कर विद्यालय विकास में भागीदारी निभा रहे हैं।
मलारना डूंगर क्षेत्र के बेहतेड ग्राम के राजकीय सेवारत कार्मिकों एवं ग्रामीणों ने सामूहिक जनसहयोग से 6 लाख 40 हजार रुपए की राशि एकत्रित कर राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय बेहतेड के भौतिक विकास हेतु दान की। यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी विद्यालयों को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक प्रेरणादायक उदाहरण है।
यह सहयोग राशि विगत दिवस आयोजित जिला स्तरीय भामाशाह सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री जनसहभागिता विद्यालय विकास योजना के अंतर्गत जिला कलक्टर काना राम एवं एडीपीसी दिनेश कुमार गुप्ता को सौंपी गई।
जिला कलक्टर काना राम ने ग्रामवासियों की सराहना करते हुए कहा—
“जब समाज स्वयं शिक्षा की जिम्मेदारी स्वीकार करता है, तब विद्यालयों की गुणवत्ता और प्रभाव दोनों में सकारात्मक परिवर्तन आता है।”
एडीपीसी दिनेश कुमार गुप्ता ने बताया कि योजना के तहत जनसहयोग से प्राप्त राशि पर राज्य सरकार द्वारा 60 प्रतिशत अतिरिक्त अनुदान दिया जाता है।
नवाचार प्रभारी हेमराज मीना ने जानकारी दी कि 6.40 लाख रुपए के जनसहयोग पर राज्य सरकार से 9.60 लाख रुपए की अतिरिक्त राशि प्राप्त होगी। इस प्रकार विद्यालय के विकास के लिए कुल 16 लाख रुपए उपलब्ध होंगे।कक्षा-कक्ष निर्माण व अन्य विकास कार्य
📞 7772828778 | 7723024600
इस राशि से नए कक्षा-कक्षों का निर्माण एवं अन्य आवश्यक भौतिक विकास कार्य किए जाएंगे, जिससे विद्यार्थियों को बेहतर एवं सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण मिल सके।
प्रधानाचार्य जगदीश मीणा की पहल पर भूतपूर्व कार्यक्रम अधिकारी, समग्र शिक्षा साबिर खान का ग्रामवासियों को प्रेरित करने में विशेष योगदान रहा। कार्यक्रम में उपस्थित पदम कुमार एवं राजेंद्र कुमार जैन ने अतिरिक्त 1 लाख रुपए विद्यालय विकास के लिए देने का आश्वासन भी दिया।
ग्रामीणों की यह पहल शिक्षा के क्षेत्र में सामूहिक जिम्मेदारी और जनभागीदारी की सशक्त मिसाल बनकर उभरी है।












