भोपाल | द इंडिया स्पीक्स
सतपुड़ा भवन अग्निकांड जैसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए मध्यप्रदेश सरकार ने फायर सेफ्टी व्यवस्था को पूरी तरह से बदलने की तैयारी कर ली है। विधानसभा के आगामी मानसून सत्र में सरकार फायर सेफ्टी विधेयक पेश करने जा रही है, जिसमें कई सख्त प्रावधान शामिल होंगे।
🏢 भवन मालिकों की ज़िम्मेदारी बढ़ेगी
विधेयक के मसौदे के अनुसार:
हर भवन मालिक को फायर सुरक्षा के इंतजाम करना अनिवार्य होगा।
यदि भवन में अग्नि सुरक्षा उपकरण नहीं पाए जाते हैं, तो संबंधित को ₹10,000 तक का जुर्माना भरना पड़ेगा।
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जुर्माना एक बार नहीं, बल्कि हर निरीक्षण या उल्लंघन पर दोहराया जा सकता है।
🧯 सतपुड़ा हादसे के बाद हरकत में आया प्रशासन
गौरतलब है कि राजधानी के सतपुड़ा भवन में हाल ही में लगी भीषण आग के बाद राज्य सरकार पर फायर सेफ्टी को लेकर सवाल उठे थे। इसी के बाद आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने प्रदेश के सभी सरकारी और निजी संस्थानों में फायर एक्ट लागू करने के निर्देश दिए।
📜 क्या होंगे प्रमुख बदलाव?
फायर NOC अनिवार्य
हर साल अग्नि सुरक्षा जांच जरूरी
रिहायशी और व्यावसायिक भवनों के लिए अलग-अलग मानक
हाईराइज़ बिल्डिंग्स में ऑटोमैटिक अलार्म और वाटर स्प्रिंकलर सिस्टम अनिवार्य
📌 अब लापरवाही पर नहीं चलेगा काम
सरकार का उद्देश्य है कि प्रदेश में कोई भी संस्था, स्कूल, अस्पताल, या ऑफिस बिना अग्नि सुरक्षा के संचालित न हो। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर न केवल जुर्माना, बल्कि लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई भी प्रस्तावित है।











