मोरोज गांव की भूरी डांगड़ी पहाड़ी पर 24 घंटे चल रहा जेसीबी से खनन, प्रशासन मौन
सवाईमाधोपुर। सत्यनारायण शर्मा | The India Speaks
राजस्थान के सवाईमाधोपुर जिले के खण्डार विधानसभा क्षेत्र के बालेर कस्बे से अवैध खनन का बड़ा मामला सामने आया है। यहां से करीब 3 किलोमीटर दूर मोरोज गांव की भूरी डांगड़ी पहाड़ी, जो कि चारागाह भूमि (चरनोई भूमि) के रूप में दर्ज है, पर खनन माफिया खुलेआम धरती का सीना चीर रहे हैं।
24 घंटे जेसीबी से खुदाई, ट्रैक्टरों से मोरंग की अवैध सप्लाई
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, इस क्षेत्र में लगातार 24 घंटे जेसीबी मशीनों से खुदाई की जा रही है। प्रतिदिन दर्जनों ट्रैक्टर-ट्रॉलियां इस मिट्टी (मोरंग) को पास के पंचायत क्षेत्रों में चल रहे विकास कार्यों में सप्लाई कर रही हैं — वह भी बिना किसी शासन अनुमति के।
“खनन माफिया खुलेआम सरकारी चारागाह भूमि पर कब्जा कर रहे हैं, जबकि प्रशासनिक अमला पूरी तरह से मौन दिखाई दे रहा है।”
जानकारी के अनुसार यह मिट्टी मुख्य रूप से खिदरपुर ग्राम पंचायत के अंतर्गत आने वाले कुरेड़ी और आसपास के गांवों में भेजी जा रही है।
खनिज विभाग और पुलिस की चुप्पी पर उठ रहे सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासनिक अधिकारियों और खनिज विभाग को इस अवैध खनन की जानकारी है, फिर भी अब तक किसी स्तर पर ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
पुलिस और विभाग की मूकदर्शक भूमिका से ग्रामीणों में गहरा आक्रोश है।
राजनीतिक संरक्षण के आरोप
विश्वसनीय सूत्रों का दावा है कि इस अवैध खनन के पीछे राजस्थान में सत्तारूढ़ भाजपा के एक स्थानीय कार्यकर्ता का हाथ है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन राजनीतिक दबाव के कारण इस अवैध खनन पर अंकुश लगाने में विफल रहा है।
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“यदि इसी तरह अवैध खनन चलता रहा, तो आने वाले दिनों में यह पूरा क्षेत्र पर्यावरणीय संकट का केंद्र बन जाएगा।”
ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है ताकि चारागाह भूमि और पर्यावरण की रक्षा की जा सके।












