गांवों में जल क्रांति की दस्तक, अब हर बूंद होगी संजोई
खरगोन, 12 अगस्त 2025। The India Speaks
मध्य प्रदेश सरकार द्वारा चलाए गए जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत खरगोन ज़िले में जल संरक्षण की दिशा में ऐतिहासिक पहल करते हुए 27 अमृत सरोवरों का निर्माण किया गया है। इन जलाशयों को इस बार बारिश के दौरान पूरी तरह जल से लबालब रहने की उम्मीद है — और इसके पीछे है तकनीक और सतत निगरानी का मजबूत गठजोड़।
SIPRI सॉफ्टवेयर से निरीक्षण, सीपेज की संभावना बेहद कम
इन सभी अमृत सरोवरों का निरीक्षण SIPRI सॉफ्टवेयर के माध्यम से किया गया, जिससे इनकी गुणवत्ता, गहराई और पानी के रिसाव की संभावना की वैज्ञानिक जाँच हुई। परिणामस्वरूप इस बार इन तालाबों में पानी ज़मीन में सीप नहीं होगा, जिससे जल संग्रहण क्षमता अधिकतम बनी रहेगी।
10000 घन मीटर से अधिक जलग्रहण क्षमता, 28 करोड़ लीटर का संरक्षण संभव
प्रत्येक अमृत सरोवर को 10,000 घन मीटर से अधिक क्षमता वाला बनाया गया है। इन जलाशयों में लगभग 28 करोड़ लीटर पानी एकत्र किया जा सकता है, जो आने वाले समय में न केवल सिंचाई, पेयजल और मवेशियों के लिए पानी का स्रोत बनेगा, बल्कि मछली पालन जैसी आजीविका को भी प्रोत्साहन देगा।
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रोज़गार और जल संरक्षण – दोनों का संबल
इन अमृत सरोवरों का निर्माण मनरेगा (MGNREGA) योजना के तहत हुआ है, जिससे ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिला और जल संरक्षण का स्थायी ढांचा खड़ा हो सका। इस पहल से दोहरी उपलब्धि प्राप्त हुई – श्रमिकों को आय और गांवों को जल।
कलेक्टर भव्या मित्तल का निर्देश – 30 अगस्त तक पूर्ण हों सभी सरोवर
कलेक्टर सुश्री भव्या मित्तल ने इन 27 अमृत सरोवरों को 30 अगस्त 2025 तक पूर्ण रूप से तैयार करने के निर्देश दिए हैं, ताकि मानसून का अधिकतम लाभ लेते हुए जल संरक्षण को मूर्त रूप दिया जा सके।
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