लाइफस्टाइल, तनाव और खानपान ने बढ़ाई चिंता, सरकारी स्क्रीनिंग में सामने आए चौंकाने वाले संकेत
भोपाल। The India Speaks Desk
मध्यप्रदेश में हाई ब्लड प्रेशर (Hypertension) तेजी से एक बड़े स्वास्थ्य संकट के रूप में उभर रहा है। सरकारी स्क्रीनिंग रिपोर्ट्स, स्वास्थ्य विशेषज्ञों की रिसर्च और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के आंकड़े संकेत दे रहे हैं कि राज्य में बड़ी आबादी हाई BP या उससे जुड़ी समस्याओं की चपेट में है।
हाल ही में प्रकाशित स्वास्थ्य विश्लेषणों में दावा किया गया कि मध्यप्रदेश में “हर चौथा व्यक्ति” हाई BP की समस्या से प्रभावित हो सकता है। हालांकि यह आंकड़ा अलग-अलग स्वास्थ्य सर्वे और स्क्रीनिंग डेटा की व्याख्या पर आधारित है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड भी स्थिति को गंभीर बताते हैं।
किन आंकड़ों के आधार पर बढ़ी चिंता?
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) और Non-Communicable Disease (NCD) कार्यक्रम के तहत पिछले कुछ वर्षों में लाखों लोगों की स्क्रीनिंग की गई। इनमें बड़ी संख्या में लोग हाई BP, डायबिटीज और हृदय संबंधी जोखिमों से प्रभावित पाए गए।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार:
- अत्यधिक नमक का सेवन
- फास्ट फूड और प्रोसेस्ड फूड
- तनावपूर्ण जीवनशैली
- नींद की कमी
- शारीरिक गतिविधि में गिरावट
- मोटापा और शराब/तंबाकू सेवन
हाई BP के मामलों को तेजी से बढ़ा रहे हैं।
शहरों के साथ गांव भी प्रभावित
पहले हाई BP को शहरों की बीमारी माना जाता था, लेकिन अब गांवों में भी इसके मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में स्क्रीनिंग के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में भी बड़ी संख्या में मरीज सामने आए हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि:
“कई लोगों को वर्षों तक पता ही नहीं चलता कि उन्हें हाई BP है, क्योंकि शुरुआती चरण में इसके लक्षण बहुत कम दिखाई देते हैं।”
युवाओं में भी बढ़ रहा खतरा
डॉक्टरों के अनुसार पहले 45–50 वर्ष की उम्र में दिखने वाली समस्या अब 25–35 वर्ष के युवाओं में भी दिखाई दे रही है। देर रात जागना, मोबाइल और स्क्रीन टाइम, तनाव, अनियमित खानपान और जिम सप्लीमेंट्स का गलत उपयोग भी जोखिम बढ़ा रहा है।
महिलाओं में भी तेजी से बढ़ रहे मामले
स्वास्थ्य विभाग की स्क्रीनिंग में महिलाओं में भी हाई BP के मामले तेजी से बढ़ते दिखे हैं। गर्भावस्था, हार्मोनल बदलाव, तनाव और शारीरिक गतिविधि की कमी को इसकी प्रमुख वजह माना जा रहा है।
क्या कहते हैं स्वास्थ्य विशेषज्ञ?
विशेषज्ञों के अनुसार हाई BP को “Silent Killer” कहा जाता है क्योंकि:
- यह हार्ट अटैक का खतरा बढ़ाता है
- ब्रेन स्ट्रोक का कारण बन सकता है
- किडनी और आंखों को नुकसान पहुंचा सकता है
- कई मामलों में अचानक मौत का जोखिम बढ़ जाता है
बचाव कैसे संभव?
डॉक्टरों के मुताबिक:
- रोज कम से कम 30 मिनट व्यायाम
- नमक और तले भोजन में कमी
- पर्याप्त नींद
- नियमित BP जांच
- तनाव नियंत्रण
- धूम्रपान और शराब से दूरी
हाई BP के खतरे को काफी हद तक कम कर सकते हैं।
स्वास्थ्य व्यवस्था के सामने नई चुनौती
मध्यप्रदेश में बढ़ते हाई BP और डायबिटीज के मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि समय रहते जागरूकता और रोकथाम पर काम नहीं किया गया तो आने वाले वर्षों में हृदय रोग और स्ट्रोक के मामले तेजी से बढ़ सकते हैं।












