UPSC और State Civil Services की तैयारी के लिए 30 विद्यार्थियों का होगा चयन, 31 मई को एंट्रेंस टेस्ट
करनाल। राजेन्द्र कुमार। The India Speaks Desk
मेधावी लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को आईएएस, आईपीएस और राज्य सिविल सेवा जैसी प्रतिष्ठित परीक्षाओं की तैयारी करवाने के उद्देश्य से करनाल के सिख समाज ने सराहनीय पहल की है। बाबा जुझार सिंह गुरमत ट्रस्ट द्वारा संचालित ‘अकाल आईएएस अकैडमी’ में ऐसे विद्यार्थियों को निशुल्क कोचिंग उपलब्ध करवाई जाएगी।
तीन साल पहले शुरू हुई थी अकैडमी
संस्थान में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान मुख्य प्रबंधक एवं ट्रस्टी कुलवंत सिंह (रिटायर्ड हेडमास्टर) ने बताया कि अकाल आईएएस अकैडमी की शुरुआत लगभग तीन वर्ष पहले की गई थी। उन्होंने बताया कि पहले बैच के दो विद्यार्थियों ने UPSC सिविल सर्विसेज परीक्षा की प्रारंभिक परीक्षा (Prelims) पास कर ली है और अब वे मुख्य परीक्षा (Mains) की तैयारी कर रहे हैं।
दिल्ली और चंडीगढ़ से बुलाए गए अनुभवी शिक्षक
अकैडमी में विद्यार्थियों को बेहतर मार्गदर्शन देने के लिए दिल्ली और चंडीगढ़ से अनुभवी शिक्षकों की नियुक्ति की गई है। नए सत्र के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और विद्यार्थी 29 मई तक आवेदन कर सकते हैं।
31 मई को आयोजित होने वाले एंट्रेंस टेस्ट के आधार पर 30 विद्यार्थियों का चयन किया जाएगा, जिन्हें UPSC और State Civil Services की तैयारी करवाई जाएगी।
सभी धर्म और वर्ग के विद्यार्थियों के लिए खुला अवसर
ट्रस्टी गुरविंदर सिंह ने बताया कि अकाल आईएएस अकैडमी में किसी भी धर्म, जाति और क्षेत्र का विद्यार्थी प्रवेश ले सकता है। उन्होंने कहा कि न केवल कोचिंग निशुल्क दी जाती है, बल्कि बाहर से आने वाले जरूरतमंद विद्यार्थियों के रहने और खाने की व्यवस्था भी की जाती है।
“विद्यार्थियों पर किसी प्रकार का आर्थिक बोझ नहीं डाला जाता, संस्थान का संचालन ट्रस्टियों और समाजसेवियों के सहयोग से किया जाता है।”
— गुरमेज सिंह, समाजसेवी
समाजसेवियों ने की पहल की सराहना
प्रेस वार्ता में समाजसेवी प्रीतपाल सिंह पन्नु ने बाबा जुझार सिंह गुरमत ट्रस्ट की इस पहल को बेहद नेक और प्रेरणादायक बताया। उन्होंने समाज के लोगों से इस कार्य में सहयोग देने की अपील करते हुए विद्यार्थियों को इस अवसर का लाभ उठाने की सलाह दी।
ये लोग रहे मौजूद
प्रेस वार्ता में कुलवंत सिंह, गुरविंदर सिंह, गुरमेज सिंह, राजवंत सिंह, एडवोकेट मंजीत सिंह वोहरा, हरजीत सिंह वोहरा, प्रेम संदूजा और प्रीतपाल सिंह पन्नु सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।












