निलंबन, बहाली और फिर भी क्वार्टर पर कब्जा — विभाग की छवि पर उठे सवाल
बड़वाह। The India Speaks Desk
बड़वाह में विद्युत विभाग से जुड़ा एक मामला इन दिनों चर्चाओं में है, जहां एक कर्मचारी पर सरकारी आवास खाली नहीं करने के आरोप लगे हैं। जानकारी के अनुसार, संबंधित कर्मचारी अवधेश शर्मा निलंबन और स्थानांतरण के बाद भी विभागीय क्वार्टर पर कब्जा जमाए हुए हैं।
निलंबन के बाद बहाली, फिर भी नहीं छोड़ा आवास
सूत्रों के मुताबिक, अवधेश शर्मा को 22 अगस्त 2025 को अति. मुख्य अभियंता (भंडार वृत्त), म.प्र. पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी, इंदौर द्वारा निलंबित किया गया था। आरोप था कि उन्होंने किसानों के विद्युत सिंचाई पंप कार्यों में कंपनी की सामग्री का दुरुपयोग किया और कर्तव्य निर्वहन में लापरवाही बरती।
निलंबन के बाद उन्हें बहाल कर मंदसौर स्थानांतरित किया गया और वर्तमान में खरगोन (एसटीएम) में पदस्थ किया गया है। बावजूद इसके, वे अभी भी बड़वाह स्थित 220 केवी ग्रिड परिसर के सरकारी आवास में निवास कर रहे हैं।
नियमों के बावजूद कब्जा जारी
विभागीय नियमों के अनुसार, स्थानांतरण के बाद कोई भी कर्मचारी अधिकतम 7 माह तक ही सरकारी आवास में रह सकता है। लेकिन निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद भी आवास खाली नहीं किया गया है।
नए कार्यपालन यंत्री ने दिए सख्त निर्देश
वर्तमान कार्यपालन यंत्री हिमांशु चौहान ने इस मामले में संज्ञान लेते हुए संबंधित कर्मचारी को तत्काल आवास खाली करने के निर्देश जारी किए हैं। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यदि आवास खाली नहीं किया गया तो नियमानुसार पैनल रेंट या मार्केट रेंट वसूला जाएगा।
“आपको निर्देशित किया जाता है कि आप उक्त आवास गृह को तत्काल प्रभाव से रिक्त करें, अन्यथा कंपनी नियमों के तहत किराया वसूली की कार्रवाई की जाएगी।”
पहले नहीं हुई कार्रवाई, अब उठे सवाल
बताया जा रहा है कि पूर्व कार्यपालन यंत्री के कार्यकाल में इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई थी, जिससे अब विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं।
आगे क्या होगी कार्रवाई?
अब देखने वाली बात यह होगी कि विभाग इस मामले में आगे क्या कदम उठाता है और क्या नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा या नहीं।











