लोकायुक्त की कार्रवाई के बाद जनपद CEO का बयान—पत्र मिलते ही सचिव होगा निलंबित
खरगोन। The India Speaks Desk
खरगोन जिले के सनावद तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत भोमवाडा में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत रिश्वत लेने का मामला सामने आया है। इंदौर लोकायुक्त की टीम ने सरपंच पति को 8 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया, जबकि पंचायत सचिव की भूमिका भी इस मामले में संदिग्ध पाई गई है।
आवास योजना की किश्त जारी करने के बदले मांगी गई रिश्वत
जानकारी के अनुसार, ग्राम भोगवाढा निवासी कविता यादव को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 1.25 लाख रुपये स्वीकृत हुए थे, जिनकी राशि चार किश्तों में मिलनी थी। दो किश्तें पहले ही जारी हो चुकी थीं, लेकिन तीसरी और चौथी किश्त (कुल 65 हजार रुपये) जारी करने के बदले 8 हजार रुपये रिश्वत की मांग की जा रही थी।
शिकायत के बाद लोकायुक्त ने की ट्रैप कार्रवाई
पीड़िता ने इसकी शिकायत लोकायुक्त इंदौर में दर्ज कराई। सत्यापन के बाद 27 अप्रैल 2026 को ट्रैप दल का गठन किया गया। कार्रवाई के दौरान सचिव जितेन्द्र सिंह पंवार की मौजूदगी में सरपंच पति चिंताराम भोमारे को 8 हजार रुपये लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया गया।
“आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है।”
जनपद CEO का बयान—निलंबन की तैयारी
जनपद पंचायत बड़वाह के CEO ने बताया कि मामले की जानकारी उन्हें मिल चुकी है। हालांकि, लोकायुक्त से आधिकारिक पत्र प्राप्त होना बाकी है।
“लोकायुक्त से पत्र मिलते ही संबंधित सचिव को तत्काल निलंबित कर विभागीय कार्रवाई शुरू की जाएगी।”
लगातार हो रही लोकायुक्त की कार्रवाई
लोकायुक्त संगठन द्वारा प्रदेशभर में भ्रष्टाचार के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। आमजन से अपील की गई है कि यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी रिश्वत की मांग करता है, तो इसकी शिकायत तुरंत करें।











