नई दिल्ली | The India Speaks Desk
जंतर-मंतर पर पिछले 20 दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को शनिवार को तबीयत बिगड़ने के बाद दिल्ली पुलिस द्वारा सफदरजंग अस्पताल ले जाने की कार्रवाई पर कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि अहिंसक भूख हड़ताल कर रहे सोनम वांगचुक को इस तरह हटाना गलत है।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर पोस्ट करते हुए लिखा, “मोदी सरकार का मुख्य सिद्धांत असत्य और हिंसा है। सोनम वांगचुक जी को जंतर-मंतर से तब हटाना गलत है, जब वह एक अहिंसक भूख हड़ताल पर थे।“
उन्होंने आगे कहा कि पेपर लीक, शिक्षा की बढ़ती लागत और छात्रों की आत्महत्या भारत के भविष्य के लिए गंभीर मुद्दे हैं। राहुल गांधी ने लिखा कि कोई भी ताकत भारत के छात्रों और उन लोगों को, जो उनसे प्यार करते हैं और उन पर विश्वास रखते हैं, इन मुद्दों को उठाने से नहीं रोक सकती।
21वें दिन बिगड़ी तबीयत, पुलिस ने पहुंचाया अस्पताल
सोनम वांगचुक पिछले 20 दिनों से जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे थे। शनिवार को भूख हड़ताल के 21वें दिन उनकी तबीयत बिगड़ने के बाद दिल्ली पुलिस उन्हें सफदरजंग अस्पताल ले गई। इस दौरान प्रदर्शन स्थल पर कुछ देर के लिए हंगामे की स्थिति भी बनी।
पुलिस बोली- मेडिकल सलाह और हाईकोर्ट के निर्देश पर हुई कार्रवाई
नई दिल्ली के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) सचिन शर्मा ने बताया कि सोनम वांगचुक की बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों की सलाह और दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुरूप उन्हें आवश्यक चिकित्सा सुविधा के लिए अस्पताल ले जाया गया। डीसीपी के अनुसार, कार्रवाई के दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने मेडिकल टीम और पुलिस की कार्रवाई में बाधा डालने की कोशिश की, लेकिन पूरी कार्रवाई संयम के साथ शांतिपूर्वक पूरी की गई।
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने लगाए गंभीर आरोप
वहीं, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के साथ मारपीट की और सोनम वांगचुक को जबरन धरना स्थल से हटाया। अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर दावा किया कि पुलिस ने उनके साथ भी मारपीट की और उन्हें हिरासत में लिया।
राहुल गांधी की प्रतिक्रिया के बाद यह मामला राजनीतिक रूप से और गर्मा गया है। एक ओर विपक्ष सरकार पर लोकतांत्रिक अधिकारों के दमन का आरोप लगा रहा है, वहीं दिल्ली पुलिस का कहना है कि पूरी कार्रवाई अदालत के निर्देशों और चिकित्सकीय सलाह के अनुरूप केवल सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य की सुरक्षा के उद्देश्य से की गई।












