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The India Speaks की पड़ताल के बाद प्रशासन की कार्रवाई, JCB से निकली वर्षों से दबी पुलिया; अब स्थायी समाधान की चुनौती

बड़वाह |लोकेश कोचले। The India Speaks Desk

बड़वाह के मुख्य प्रवेश मार्ग पर वर्षों से जलभराव की समस्या को लेकर लगातार प्रकाशित खबरों के बाद आखिरकार प्रशासन हरकत में आया। शुक्रवार को प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा और JCB की मदद से उस स्थान पर खुदाई कराई, जहां The India Speaks ने 2023 की तस्वीरों के आधार पर दबी हुई पुलिया होने की आशंका जताई थी।

खुदाई शुरू होते ही कुछ देर बाद वही पुलिया मिट्टी के नीचे से बाहर निकल आई। निरीक्षण में पुलिया पूरी तरह मिट्टी और मलबे से बंद पाई गई। इस कार्रवाई ने उन दावों को सही साबित कर दिया, जिनमें कहा जा रहा था कि सड़क किनारे बनी पुलिया दब जाने के कारण वर्षों से बारिश का पानी मुख्य मार्ग पर भर रहा है।

कार्रवाई के दौरान SDM सत्यनारायण दर्रो, बड़वाह थाना प्रभारी बलराम सिंह राठौर, नगर पालिका CMO सहित प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। फिलहाल पुलिया के आसपास अस्थायी जल निकासी की व्यवस्था बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

2023 की तस्वीर से शुरू हुई पड़ताल

इस पूरे मामले की शुरुआत 2023 की उस तस्वीर से हुई, जिसमें सड़क किनारे बनी पुलिया स्पष्ट दिखाई दे रही थी। बाद में स्थानीय लोगों ने बताया कि सड़क किनारे मुरूम भरने के दौरान पुलिया दब गई और तभी से हर बारिश में यह मुख्य मार्ग तालाब में बदलने लगा।

इसके बाद The India Speaks ने मौके की वर्तमान स्थिति, पुरानी तस्वीरों और नगर पालिका के 22 मई 2026 के आधिकारिक पत्र के आधार पर लगातार यह सवाल उठाया कि यदि यहां पहले पुलिया थी, तो उसे दबाया कैसे गया और जल निकासी की व्यवस्था क्यों बाधित हुई?

लगातार प्रकाशित खबरों के बाद प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर खुदाई कराई और पुलिया का मिलना इस पड़ताल की पुष्टि करता है।

लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती

पुलिया मिल गई, लेकिन अब सबसे बड़ा सवाल उसके आगे के जल निकासी मार्ग का है।

यदि यहां पुलिया बनाई गई थी, तो निश्चित रूप से उससे जुड़ी कोई नाली या प्राकृतिक ड्रेनेज लाइन भी रही होगी।

आखिर वह नाली कहां है?

क्या वह भी मिट्टी के नीचे दब गई है?

या फिर उसके ऊपर निर्माण कर दिया गया है?

यदि जल निकासी मार्ग पर निर्माण हुआ है, तो क्या उसकी जांच होगी?

और यदि जांच में अवैध निर्माण सामने आता है, तो क्या प्रशासन बिना किसी राजनीतिक या रसूखदार दबाव के कार्रवाई करेगा?

सिर्फ पुलिया निकालने से नहीं निकलेगा समाधान

विशेषज्ञों की मानें तो केवल पुलिया निकाल देने से समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा। जब तक पानी के प्राकृतिक बहाव का पूरा मार्ग खोजकर उसे बाधामुक्त नहीं किया जाता, तब तक हर बारिश में जलभराव की आशंका बनी रहेगी।

ऐसे में प्रशासन को पूरे ड्रेनेज सिस्टम का तकनीकी सर्वे कर यह पता लगाना चाहिए कि मूल नाली कहां थी, उसका मार्ग किसने और कैसे बाधित किया तथा भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने, इसके लिए क्या स्थायी व्यवस्था की जाए।

जनता की नजर अब अगली कार्रवाई पर

फिलहाल पुलिया मिलने से यह तो साबित हो गया कि समस्या का एक महत्वपूर्ण कारण वर्षों से मिट्टी में दबी जल निकासी संरचना थी। लेकिन अब जनता यह जानना चाहती है कि क्या प्रशासन पूरी जल निकासी लाइन खोजकर उसे पुनर्जीवित करेगा, या फिर यह कार्रवाई केवल पुलिया तक ही सीमित रह जाएगी।

यदि जल निकासी मार्ग पर किसी प्रकार का अवैध निर्माण पाया जाता है, तो क्या उसे हटाया जाएगा? या फिर एक बार फिर रसूखदारों के दबाव में आम नागरिकों को हर बारिश में इसी जलभराव से जूझना पड़ेगा?

The India Speaks इस पूरे मामले की पड़ताल और प्रशासनिक कार्रवाई पर लगातार नजर बनाए रखेगा।

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