कीर्तन, अरदास और गुरु का लंगर में उमड़ी संगत, समाजसेवी चिकित्सक डॉ. चरण सिंह बग्गा का हुआ सम्मान
बड़वाह | The India Speaks Desk
सिखों के छठे गुरु श्री गुरु हरगोबिंद साहिब जी के पावन प्रकाश पर्व के अवसर पर बड़वाह स्थित गुरुद्वारा साहिब में दो दिवसीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रम श्रद्धा और उत्साह के साथ आयोजित किए गए। विश्वभर के गुरुद्वारों की तरह बड़वाह में भी विशेष कीर्तन दीवान, अरदास एवं गुरु के लंगर का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में संगत ने सहभागिता की।
गुरुद्वारा प्रबंधक समिति के अध्यक्ष सरदार सुरेंदर सिंह ने बताया कि नानकशाही कैलेंडर के अनुसार श्री गुरु हरगोबिंद साहिब जी का प्रकाश पर्व 30 जून को मनाया जाता है। इस पावन अवसर पर विश्वभर के गुरुद्वारों में विशेष धार्मिक आयोजन होते हैं, जिनका उद्देश्य गुरु साहिब की शिक्षाओं और मानव सेवा के संदेश को जन-जन तक पहुंचाना है।








पहले दिन हुआ कीर्तन और गुरु के लंगर का आयोजन
कार्यक्रम के प्रथम दिवस स्थानीय रागी भाई बुध सिंह ने गुरु साहिब की महिमा का गुणगान करते हुए कीर्तन प्रस्तुत किया। इसके पश्चात संगत के लिए गुरु के लंगर का आयोजन किया गया, जिसमें सभी श्रद्धालुओं ने समान भाव से प्रसाद ग्रहण किया।
गुरु हरगोबिंद साहिब ने दिया आध्यात्मिक और सामाजिक शक्ति का संदेश
समिति के सचिव सरदार परविंदर सिंह एवं सरदार गुलबीर सिंह ने बताया कि श्री गुरु हरगोबिंद साहिब जी सिख इतिहास के ऐसे प्रथम गुरु थे जिन्होंने अन्याय और अत्याचार का सामना करने के लिए दो तलवारें धारण कीं। इनमें एक ‘पीरी’ आध्यात्मिक शक्ति तथा दूसरी ‘मीरी’ सांसारिक एवं सामाजिक शक्ति का प्रतीक थी। उन्होंने सिख समाज को आत्मरक्षा, साहस और धर्म की रक्षा का संदेश दिया।
मीडिया प्रभारी सरदार सतविंदर सिंह भाटिया ने बताया कि गुरु साहिब ने अमृतसर में अकाल तख्त साहिब की स्थापना कर सिख समाज को संगठित किया तथा अत्याचारों का सामना करने के लिए शस्त्र विद्या का प्रशिक्षण भी प्रारंभ कराया।
दूसरे दिन आयोजित कीर्तन दीवान में लखनऊ से पधारे भाई सुखप्रीत सिंह एवं भाई पवनदीप सिंह के रागी जत्थे ने मधुर गुरबाणी कीर्तन प्रस्तुत कर संगत को आध्यात्मिक आनंद से सराबोर कर दिया।
डॉ. चरण सिंह बग्गा का हुआ सम्मान
कार्यक्रम के दौरान बड़वाह शहर एवं सिख समाज का नाम चिकित्सा क्षेत्र में गौरवान्वित करने वाले डॉ. चरण सिंह बग्गा का गुरुद्वारा प्रबंधक समिति एवं बड़वाह सिख समाज द्वारा सम्मान किया गया।
इस अवसर पर हरविंदर सिंह, गुरुचरण सिंह, जितेंद्र सिंह, रविंदर सिंह, गुरूबख्श सिंह, सुरजीत सिंह, कंवलजीत सिंह, इकबाल सिंह सहित बड़ी संख्या में समाजजन एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।












