मेनगांव, टेमला, नागझिरी और बड़गांव स्वास्थ्य केंद्रों का निरीक्षण, अनुपस्थित चिकित्सकों व कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस
खरगोन | The India Speaks Desk
जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और शासकीय संस्थानों में अनुशासन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. दौलतसिंह चौहान ने बुधवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मेनगांव, टेमला, नागझिरी एवं बड़गांव का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कई कर्मचारी एवं चिकित्सक अनुपस्थित पाए जाने पर उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं।
सीएमएचओ ने बताया कि निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्य संस्थानों में नियमित उपस्थिति, समयबद्ध चिकित्सा सेवाएं तथा आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है। निरीक्षण के दौरान प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मेनगांव में नियमित चिकित्सा अधिकारी डॉ. दीक्षा द्विवेदी, स्वीपर तस्लीम शेख, संविदा कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर सुनीता कवासे तथा उप-स्वास्थ्य केंद्र नारायणपुरा के कर्मचारी अपने कर्तव्य स्थल पर अनुपस्थित पाए गए।
इसी प्रकार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बड़गांव में पदस्थ डॉ. युवराज सिंह रावत भी निरीक्षण के दौरान अनुपस्थित मिले। सभी संबंधित कर्मचारियों एवं अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है।
नई नियुक्त चिकित्सक की अनुपस्थिति पर विशेष नाराजगी
सीएमएचओ डॉ. दौलतसिंह चौहान ने बताया कि डॉ. दीक्षा द्विवेदी हाल ही में नवीन नियुक्ति के बाद जिला कार्यालय खरगोन में अपनी उपस्थिति दर्ज कराकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मेनगांव के लिए कार्यमुक्त की गई थीं। इसके बावजूद उन्होंने अब तक अपने पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण नहीं किया, जिसे गंभीर प्रशासनिक लापरवाही माना गया है।
अनुशासन से समझौता नहीं, होगी सख्त कार्रवाई
डॉ. चौहान ने स्पष्ट किया कि शासकीय स्वास्थ्य सेवाओं में अनुशासन सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि भविष्य में यदि किसी भी कर्मचारी या अधिकारी द्वारा इस प्रकार की लापरवाही बरती जाती है तो उसके विरुद्ध कठोर प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन का उद्देश्य आम नागरिकों को निर्बाध, समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है।












