रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को सौंपी गई, शिकायतकर्ताओं का सवाल—यदि अनियमितता मिली है तो कानूनी कार्रवाई कब?
बड़वाह। लोकेश कोचले। The India Speaks Desk
बड़वाह विद्युत वितरण कंपनी में सामने आए बहुचर्चित केबल कांड ने अब नया मोड़ ले लिया है। विभागीय जांच पूरी होने के बाद अब शिकायतकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों ने मामले में एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की मांग तेज कर दी है। जांच रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजी जा चुकी है, लेकिन अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी या मामला विभागीय फाइलों तक ही सीमित रह जाएगा?
जांच पूरी, रिपोर्ट पहुंची उच्च अधिकारियों तक
सूत्रों के अनुसार, शासकीय केबल सामग्री के कथित दुरुपयोग, रिकॉर्ड में गड़बड़ी और संभावित वित्तीय अनियमितताओं की जांच के लिए गठित टीम ने अपनी प्रक्रिया पूरी कर ली है। जांच के दौरान स्टॉक रजिस्टर, सामग्री वितरण का रिकॉर्ड, केबल उपयोग से जुड़े दस्तावेज, पंचनामा तथा संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के बयान दर्ज किए गए।
जांच का उद्देश्य यह स्पष्ट करना था कि शासकीय सामग्री का उपयोग नियमानुसार हुआ या फिर किसी स्तर पर लापरवाही अथवा अनियमितता हुई।
हालांकि विभाग ने जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक नहीं किया है, लेकिन विभागीय गलियारों में इसे लेकर चर्चाएं तेज हैं। माना जा रहा है कि रिपोर्ट में दर्ज तथ्यों के आधार पर अब उच्च स्तर पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
यही कारण है कि पूरे मामले पर कर्मचारियों, स्थानीय नागरिकों और शिकायतकर्ताओं की नजरें टिकी हुई हैं।
अब एफआईआर की मांग हुई तेज
विभागीय जांच पूरी होने के बाद शिकायतकर्ताओं ने अब एफआईआर दर्ज कर निष्पक्ष कानूनी जांच की मांग तेज कर दी है। उनका कहना है कि यदि जांच में शासकीय सामग्री के दुरुपयोग, वित्तीय अनियमितता या सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचने जैसे तथ्य सामने आए हैं, तो केवल विभागीय कार्रवाई पर्याप्त नहीं होगी।
स्थानीय नागरिकों का भी कहना है कि जनता के पैसे और सरकारी संसाधनों से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होना चाहिए। यदि किसी स्तर पर नियमों का उल्लंघन हुआ है, तो संबंधित जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होना आवश्यक है।
जांच अधिकारी ने क्या कहा?
मध्य प्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी, इंदौर के जांच अधिकारी महेंद्र निम ने दूरभाष पर चर्चा में बताया कि शिकायत के आधार पर जांच पूरी कर ली गई है तथा रिपोर्ट तैयार कर आगे प्रेषित कर दी गई है।
कार्यपालन यंत्री का जवाब
वहीं एफआईआर दर्ज नहीं होने के संबंध में जब कार्यपालन यंत्री बड़वाह हिमांशु चौहान से चर्चा की गई, तो उन्होंने बताया कि विभागीय जांच की प्रक्रिया चल रही है। उच्च अधिकारियों से प्राप्त निर्देशों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगा।
जांच पूरी हो चुकी है, रिपोर्ट भी उच्च अधिकारियों तक पहुंच चुकी है और शिकायतकर्ता एफआईआर की मांग कर रहे हैं। ऐसे में अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या विभाग जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करेगा, या फिर यह मामला भी लंबे समय तक विभागीय प्रक्रिया में उलझकर रह जाएगा।












