सैकड़ों किसानों ने जनपद पंचायत कार्यालय के बाहर दिया धरना, किसान आनंदराम पिता चुन्नीलाल ने रोते हुए सुनाई पीड़ा; कहा- अब आत्महत्या के अलावा नहीं बचा कोई रास्ता
बड़वाह | लोकेश कोचले | The India Speaks
ग्राम पंचायत बागदा बुजुर्ग में वर्षों से जलभराव की समस्या झेल रहे किसान की पीड़ा अब आंदोलन का रूप ले चुकी है। गांव की आबादी का गंदा पानी उचित निकासी नहीं होने के कारण लगातार किसान आनंदराम पिता चुन्नीलाल की कृषि भूमि में पहुंच रहा है, जिससे उनकी फसल और भूमि को लगातार नुकसान हो रहा है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि नायब तहसीलदार द्वारा नाली निर्माण के स्पष्ट आदेश जारी किए जाने के बावजूद आज तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका।
इसी समस्या को लेकर शनिवार को सैकड़ों किसानों ने जनपद पंचायत बड़वाह के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) मुकेश जैन के कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन किया और प्रशासन से तत्काल नाली निर्माण कराने की मांग की।
जांच में शिकायत सही, नाली निर्माण के दिए गए थे आदेश
नायब तहसीलदार वृत्त बेड़िया द्वारा जारी आदेश के अनुसार किसान आनंदराम पिता चुन्नीलाल ने शिकायत दर्ज कराई थी कि ग्राम आबादी का गंदा पानी उनकी कृषि भूमि में प्रवेश कर रहा है, जिससे लगातार नुकसान हो रहा है।
मामले की जांच के लिए सीमांकन दल का गठन किया गया। मौके के निरीक्षण में शिकायत सही पाई गई। जांच में यह भी सामने आया कि ग्राम आबादी का पानी बाउंड्रीवाल के पास से होकर किसान के खेत में जा रहा है, जिससे कृषि भूमि को नुकसान हो रहा है।
इसके बाद नायब तहसीलदार ने ग्राम पंचायत बागदा बुजुर्ग को निर्देश दिए कि ग्राम आबादी क्षेत्र में जल निकासी के लिए नाली का निर्माण कराया जाए। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया कि यदि निर्माण कार्य में कोई बाधा आती है तो पंचायत राज अधिनियम की धारा 56 के तहत आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
आदेश के बाद भी नहीं हुआ निर्माण
प्रशासनिक आदेश जारी होने के बावजूद नाली निर्माण का कार्य शुरू नहीं हो सका। किसान का आरोप है कि वर्षों से शिकायतें और आदेश केवल कागजों तक सीमित हैं, जबकि हर बारिश में खेत में पानी भरने से फसल और भूमि को भारी नुकसान उठाना पड़ता है।
धरने में छलका किसान का दर्द
धरने के दौरान किसान आनंदराम पिता चुन्नीलाल अपनी पीड़ा बताते हुए भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि वर्षों से पंचायत और प्रशासन के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ।
रोते हुए किसान ने कहा कि यदि जल्द नाली निर्माण नहीं हुआ तो उसके सामने आत्महत्या करने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचेगा। किसान की यह बात सुनकर धरना स्थल पर मौजूद अन्य किसान भी भावुक हो गए।
सीईओ बोले- आपत्तियों का होगा निराकरण
जनपद पंचायत बड़वाह के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मुकेश जैन ने बताया कि नाली निर्माण को लेकर कुछ आपत्तियां प्राप्त हुई हैं। इनका जल्द निराकरण कर निर्माण कार्य शुरू कराने का प्रयास किया जाएगा, ताकि किसानों की समस्या का स्थायी समाधान हो सके।
किसानों की प्रमुख मांग
धरने में शामिल किसानों ने मांग की कि वर्षों से लंबित नाली निर्माण कार्य तत्काल शुरू कराया जाए, जिससे खेतों में हो रहे जलभराव को रोका जा सके। साथ ही पीड़ित किसान को हुए आर्थिक एवं मानसिक नुकसान की भरपाई भी की जाए।
अब सवाल यह है कि जब प्रशासनिक जांच शिकायत को सही ठहरा चुकी है और नायब तहसीलदार के आदेश भी जारी हो चुके हैं, तो आखिर नाली निर्माण में देरी के लिए जिम्मेदार कौन है? इसका जवाब प्रशासन को देना होगा।











