बड़वाह | The India Speaks Desk
बड़वाह-इंदौर रोड स्थित आओ जी रेस्टोरेंट के समीप विकसित की जा रही नई ‘मंगल सिटी’ कॉलोनी को लेकर एक सार्वजनिक सूचना प्रकाशित होने के बाद क्षेत्र में चर्चा तेज हो गई है। पिछले कुछ समय से कॉलोनी का व्यापक प्रचार-प्रसार और प्लॉट बिक्री अभियान चल रहा था, लेकिन अब भूमि से जुड़े विवाद के न्यायालय में लंबित होने का दावा करते हुए लोगों को किसी भी प्रकार का लेन-देन नहीं करने की चेतावनी दी गई है। इससे संभावित खरीदारों और निवेशकों के बीच असमंजस की स्थिति बन गई है।
अखबार में प्रकाशित हुई सार्वजनिक सूचना
17 जुलाई 2026 को प्रकाशित सार्वजनिक सूचना में बताया गया है कि नगर बड़वाह, तहसील बड़वाह, जिला खरगोन स्थित इंदौर-खंडवा रोड की पश्चिम दिशा में सर्वे नंबर 14/1/1, रकबा 2.065 हेक्टेयर पर विकसित मंगल सिटी कॉलोनी से संबंधित सिविल वाद क्रमांक 3A/2026 (हरेसिंह एवं अन्य बनाम बालकिशन एवं अन्य) वरिष्ठ खंड व्यवहार न्यायालय, बड़वाह में विचाराधीन है।


सूचना में दावा किया गया है कि उक्त भूमि के स्वामित्व एवं अधिकार को लेकर विवाद न्यायालय में लंबित है। इसलिए जब तक न्यायालय द्वारा मामले का अंतिम निराकरण नहीं हो जाता, तब तक कोई भी व्यक्ति, संस्था अथवा निकाय इस भूमि से संबंधित किसी भी प्रकार का क्रय-विक्रय, अनुबंध अथवा अन्य संव्यवहार न करे। साथ ही यह भी कहा गया है कि इसके बावजूद यदि कोई लेन-देन करता है तो उससे होने वाले नुकसान की जिम्मेदारी संबंधित पक्ष की स्वयं होगी।
लगातार हो रहा था कॉलोनी का प्रचार
स्थानीय स्तर पर मंगल सिटी कॉलोनी का पिछले कई दिनों से लगातार प्रचार किया जा रहा था। विभिन्न माध्यमों से प्लॉट बिक्री के लिए प्रचार अभियान चलाया गया और बड़ी संख्या में लोगों ने इसमें रुचि भी दिखाई। ऐसे समय में सार्वजनिक सूचना सामने आने से स्वाभाविक रूप से संभावित खरीदारों के मन में कई सवाल खड़े हो गए हैं।
खरीदारों को बरतनी होगी सावधानी
रियल एस्टेट विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी कॉलोनी या भूमि में निवेश करने से पहले संबंधित दस्तावेजों की विधिक जांच, राजस्व अभिलेखों का परीक्षण तथा न्यायालय में किसी प्रकार का विवाद लंबित है या नहीं, इसकी जानकारी लेना बेहद आवश्यक है। यदि किसी भूमि पर न्यायालय में वाद लंबित हो तो खरीदारों को पूरी कानूनी स्थिति स्पष्ट होने तक सतर्क रहना चाहिए।
फिलहाल यह मामला न्यायालय में विचाराधीन बताया गया है। ऐसे में भूमि के अधिकार या किसी भी पक्ष के दावों पर अंतिम निर्णय न्यायालय द्वारा ही किया जाएगा। जब तक न्यायालय का फैसला नहीं आता, तब तक किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।
दूसरे पक्ष का पक्ष आना शेष
यह सार्वजनिक सूचना एक पक्ष की ओर से प्रकाशित कराई गई है। इस मामले में कॉलोनी डेवलपर अथवा दूसरे पक्ष का पक्ष भी जानने का प्रयास किया जा रहा है। उनका पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा, ताकि पाठकों के सामने मामले का संतुलित और पूर्ण पक्ष रखा जा सके.












