ब्रह्माकुमारीज केंद्र बड़वाह में पत्रकारों के लिए स्नेह मिलन कार्यक्रम, समाजहित में निभाई जा रही भूमिका को सराहा
बड़वाह। द इंडिया स्पीक्स
रक्षाबंधन केवल भाई-बहन के रिश्ते का पर्व नहीं, बल्कि जीवन में सकारात्मकता, आत्मचिंतन और अच्छे संकल्पों को मजबूत करने का अवसर भी है। इसी भाव के साथ रक्षाबंधन पर्व पर बड़वाह स्थित ब्रह्माकुमारीज केंद्र में नगर के पत्रकारों के लिए स्नेह मिलन कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में केंद्र की बहनों ने पत्रकारों को तिलक लगाकर रक्षा सूत्र बांधा और मिठाई खिलाकर रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं। आत्मीय माहौल में हुए इस आयोजन में पत्रकारिता की सामाजिक जिम्मेदारी के साथ-साथ मानसिक शांति और सकारात्मक जीवनशैली पर भी संवाद हुआ।
जनसमस्याओं को आवाज देने वाली पत्रकारिता की सराहना


केंद्र प्रभारी बीके वीणा दीदी ने पत्रकारों को आशीर्वचन देते हुए सभी के मंगलमय जीवन की कामना की। उन्होंने कहा कि पत्रकार समाज का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। अपनी लेखनी के माध्यम से वे जनसमस्याओं को सामने लाने के साथ लोगों को जागरूक करने और सामाजिक सरोकारों को मजबूती देने का कार्य करते हैं।
उन्होंने बड़वाह के पत्रकारों द्वारा समाजहित में किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि सकारात्मक सोच और जिम्मेदारी के साथ किया गया पत्रकारिता का कार्य समाज में बेहतर बदलाव की दिशा तैयार कर सकता है।
रक्षा सूत्र के साथ अच्छे विचारों और सत्कर्मों का संकल्प
बीके अनिता दीदी ने रक्षाबंधन के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि तिलक और रक्षा सूत्र केवल एक परंपरा तक सीमित नहीं हैं। इनके पीछे स्वयं को परमात्मा से जोड़ने, विचारों को सकारात्मक रखने और जीवन में श्रेष्ठ कर्मों का संकल्प लेने का भाव भी जुड़ा है।
उन्होंने कहा कि जीवन में परिस्थितियां कैसी भी हों, व्यक्ति को अपने विचारों और व्यवहार में सकारात्मकता बनाए रखने का प्रयास करना चाहिए। आपसी व्यवहार में मधुरता और कर्मों में श्रेष्ठता जीवन को अधिक शांत और सार्थक बना सकती है।
जिंदगी की कशमकश के बीच खुद के लिए समय निकालना भी जरूरी


कार्यक्रम में सहज योग के माध्यम से आत्मशांति और मन को स्थिर रखने का संदेश भी दिया गया। बीके अनिता दीदी ने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में व्यक्ति जिम्मेदारियों को निभाते-निभाते अक्सर स्वयं के लिए समय निकालना भूल जाता है।
उन्होंने कहा कि दूसरों के लिए अपनी जिम्मेदारियां निभाना जरूरी है, लेकिन स्वयं के मन और भीतर की शांति के लिए समय निकालना भी उतना ही आवश्यक है। सहज योग और आत्मचिंतन के माध्यम से मन को स्थिर रखते हुए सकारात्मक सोच को मजबूत किया जा सकता है।
पत्रकारिता जैसे लगातार सक्रिय और जिम्मेदारीपूर्ण क्षेत्र में काम करने वाले लोगों के लिए मानसिक संतुलन और सकारात्मक दृष्टिकोण का महत्व और भी बढ़ जाता है। ऐसे में कार्यक्रम का यह संदेश पत्रकारों के दैनिक जीवन से भी सीधे जुड़ता नजर आया।
भारतीय संस्कृति और संस्कारों को आगे बढ़ाने की पहल
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पत्रकार सुनील जायसवाल ने कहा कि ब्रह्माकुमारीज परिवार आध्यात्मिक मार्गदर्शन देने के साथ भारतीय संस्कृति और संस्कारों को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। उन्होंने पत्रकारों के लिए आयोजित स्नेह मिलन कार्यक्रम को आत्मीयता और सकारात्मक ऊर्जा से जुड़ी पहल बताया।
नगर पत्रकार संघ ने जताया आभार
कार्यक्रम के अंत में नगर पत्रकार संघ की ओर से महासचिव सुनील जायसवाल, कुलदीप सिंह अरोरा एवं भूपेंद्र सेन ने ब्रह्माकुमारीज केंद्र की बहनों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन नितिन चौहान ने किया।
इस अवसर पर कुलदीप सिंह अरोरा, सुनील जायसवाल, भूपेंद्र सेन, सुनील परिहार, विशाल कुमरावत, विपिन जैन, मोनू भाटिया, रितेश दुबे, मनोज सागर, दिलीप सेन, जीतू पटेल, लोकेश कोचले सहित नगर के पत्रकार मौजूद रहे।












