प्रभात फेरी से लेकर मुख्य धार्मिक समागम तक हुए आयोजन, बड़ी संख्या में शामिल हुई सिख संगत
बड़वाह। The India Speaks Desk
श्री गुरु ग्रंथ साहेब जी के प्रथम प्रकाश पर्व के अवसर पर बड़वाह गुरुद्वारा साहेब में आयोजित तीन दिवसीय धार्मिक आयोजन श्रद्धा और उत्साह के साथ सम्पन्न हुए। आयोजन के दौरान अखंड पाठ, प्रभात फेरी, कीर्तन और लंगर सहित विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें बड़ी संख्या में सिख संगत सहित समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने सहभागिता की।
समिति अध्यक्ष सरदार सुरेंदर सिंह ने प्रकाश पर्व के दौरान कहा कि पांचवें पातशाह श्री गुरु अर्जुन देव जी ने 1604 ईस्वी में आदि ग्रंथ का संपादन पूर्ण कर श्री हरमंदिर साहिब, अमृतसर में इसका पहला प्रकाश कराया था। उन्होंने कहा कि श्री गुरु ग्रंथ साहेब मानवता, समानता और भाईचारे का संदेश देता है।
10 सितंबर से शुरू हुआ धार्मिक आयोजन
समिति सचिव सरदार परविंदर सिंह एवं सरदार गुलबीर सिंह ने बताया कि श्री गुरु ग्रंथ साहेब जी के प्रथम प्रकाश पर्व के अवसर पर देश-दुनिया के गुरुद्वारों में धार्मिक समागम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में बड़वाह गुरुद्वारा साहेब में भी तीन दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किए गए।
समिति के मीडिया प्रभारी सरदार सतविंदर सिंह भाटिया ने बताया कि 10 सितंबर को गुरुद्वारा साहेब में श्री अखंड पाठ साहेब आरंभ हुआ। इसके बाद 11 सितंबर को प्रभात फेरी निकाली गई, जिसमें समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने सहभागिता की। प्रभात फेरी के दौरान गुरबाणी के माध्यम से गुरु का जसगायन किया गया।
मुख्य आयोजन में हुआ कीर्तन, संगत ने ग्रहण किया लंगर
12 सितंबर को मुख्य धार्मिक आयोजन हुए। अलसुबह करीब 5 बजे सिख संगत गुरुद्वारा साहेब पहुंची और श्री गुरु ग्रंथ साहेब जी का प्रकाश किया गया। इसके पश्चात संगत ने श्री सुखमनी साहेब का पाठ किया।
धार्मिक कार्यक्रम में ज्ञानी बुध सिंह जी के जत्थे ने कीर्तन प्रस्तुत किया। इसके बाद इंदौर से पधारे ज्ञानी अमनदीप सिंह जी के जत्थे ने कीर्तन के माध्यम से संगत को निहाल किया।
कोषाध्यक्ष सरदार हरविंदर सिंह ने बताया कि श्री गुरु ग्रंथ साहेब में सिख गुरुओं के साथ कबीर जी, भगत रविदास जी, नामदेव जी और बाबा फरीद जी सहित विभिन्न संतों और भक्तों की वाणी भी शामिल है। उन्होंने कहा कि यह वाणी मानवता, समानता और सर्वधर्म समभाव का संदेश देती है।
कार्यक्रम में शामिल श्रद्धालुओं के लिए गुरुद्वारा साहेब में लंगर की सेवा भी की गई।
आयोजन में सरदार हरविंदर सिंह, सरदार जितेंदर सिंह, सरदार सुरजीत सिंह, सरदार हरजीत सिंह, सरदार रघुबीर सिंह, सरदार रविंदर सिंह और सरदार कमलदीप सिंह सहित अन्य श्रद्धालुओं ने उपस्थित होकर आयोजन में विशेष योगदान दिया।












