करनाल। राजेंद्र कैम की रिपोर्ट। हरियाणा पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) करनाल ने संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पांच सक्रिय गैंगस्टरों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से पांच विदेशी ऑटोमेटिक पिस्टल, 14 जिंदा कारतूस और एक काले रंग की थार गाड़ी बरामद की है।
मुखबिर की सूचना पर हुई कार्रवाई
पुलिस के अनुसार, 21 जुलाई 2026 को एसटीएफ करनाल की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर पृथ्वीराज चौहान चौक के पास एक काले रंग की थार में सवार पांच आरोपियों को दबोच लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विकास उर्फ विक्की (महेंद्रगढ़), अशफाक (नई दिल्ली), प्रिंस खरड़िया, संजय वट्ठ (दोनों राजस्थान) और गुरलाल (अमृतसर, पंजाब) के रूप में हुई है।
एसटीएफ ने आरोपियों के कब्जे से पांच विदेशी ऑटोमेटिक पिस्टल, 14 जिंदा कारतूस तथा वारदात में इस्तेमाल की जा रही थार गाड़ी बरामद की है। इस संबंध में थाना सदर करनाल में मुकदमा दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है।
करनाल में बड़ी वारदात की थी साजिश
पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपी करनाल जिले में किसी बड़ी आपराधिक वारदात को अंजाम देने की योजना बनाकर पहुंचे थे। समय रहते सूचना मिलने पर एसटीएफ ने कार्रवाई कर उनकी योजना को विफल कर दिया।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी संगठित अपराध से जुड़े गिरोहों के लिए शूटर उपलब्ध कराना, हथियारों की व्यवस्था करना, वारदात के लिए लक्ष्य चुनना और उसकी रेकी करना जैसे कार्य करते थे।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों ने 11-12 मई 2026 की रात करनाल जिले के नरसिंह क्षेत्र में पंजाबी गायक दिलजीत दोसांझ के मैनेजर गुरु प्रताप सिंह कंग के घर फायरिंग की थी। इसके अलावा 12 जुलाई 2026 को यमुनानगर में सब्बरवाल टायर शोरूम पर फिरौती के उद्देश्य से की गई फायरिंग की घटना में भी इनकी संलिप्तता सामने आई है।
पुलिस कर रही है गहन पूछताछ
एसटीएफ ने सभी आरोपियों को अदालत में पेश कर रिमांड लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह के अन्य सदस्य कौन हैं, उन्हें हथियार कहां से मिले और किन-किन वारदातों में इनका हाथ रहा है।












