महाशिवरात्रि पर भक्ति, सेवा और समर्पण का अद्भुत संगम, शाम 5 से रात 10 बजे तक चला महाप्रसादी वितरण
खरगोन। विशाल भमोरिया । The India Speaks Desk
महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर कसरावद स्थित प्रमुख आस्था केंद्र श्री गांगलेश्वर महादेव मंदिर में भक्ति और सेवा का अद्वितीय दृश्य देखने को मिला। मंदिर में 11 वर्षों से निरंतर आयोजित हो रहा विशाल भंडारा इस वर्ष ऐतिहासिक बन गया, जब हजारों श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ के दर्शन कर महाप्रसादी ग्रहण की। शाम 5 बजे से रात्रि 10 बजे तक निरंतर चले इस आयोजन में “हर-हर महादेव” और “बम-बम भोले” के जयघोष से पूरा मंदिर परिसर गुंजायमान रहा।
लंबी कतारों में खड़े श्रद्धालु यह प्रमाण दे रहे थे कि श्री गांगलेश्वर महादेव के प्रति आस्था दिन-प्रतिदिन और अधिक प्रगाढ़ होती जा रही है।
11 कन्या भोज से हजारों श्रद्धालुओं तक का सफर
इस धार्मिक आयोजन की शुरुआत 11 कन्याओं के भोज से हुई थी। समय के साथ यह आयोजन नगर का विशाल धार्मिक उत्सव बन चुका है, जिसमें हर वर्ष श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ती जा रही है। नगरवासियों के साथ-साथ दूर-दराज से आए भक्तों ने भी महाप्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ अर्जित किया।
आयोजन में अनुशासन, सेवा-भाव और भक्तिभाव का अद्भुत समन्वय देखने को मिला। स्वयंसेवकों ने पूरी निष्ठा के साथ व्यवस्थाएं संभालीं।
मंदिर समिति अध्यक्ष ने जताया आभार
मंदिर समिति अध्यक्ष किशोर (लाला) भार्गव ने आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले नगरवासियों, श्रद्धालुओं और सहयोगकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त किया।
“नगरवासियों और सहयोगियों के सहयोग से ही यह भंडारा ऐतिहासिक स्वरूप ले सका। सभी का हृदय से धन्यवाद।”
विशेष रूप से रमेश भाई हलवाई की टीम, सतीश पटेल (सिंगा जी टेंट हाउस), संदीप प्रजापत, गणेश यादव, ठाकुर हेमेंद्रसिंह सोलंकी, सुमेश कुशवाह, अनिल राठौड़, संतोष कोली, कमल वर्मा, स्वर्णदीप भावसार, विनोद प्रजापत और सुरेश परले के उल्लेखनीय योगदान की सराहना की गई।
मंदिर समिति के सभी सदस्यों ने प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग देने वाले प्रत्येक श्रद्धालु के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।
बढ़ती आस्था, बढ़ता विश्वास
श्री गांगलेश्वर महादेव मंदिर आज केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि नगर की आस्था, एकता और सेवा का केंद्र बन चुका है। महाशिवरात्रि के इस ऐतिहासिक भंडारे ने सिद्ध कर दिया कि जब श्रद्धा और सेवा एक साथ चलती हैं, तो आयोजन स्वयं ही महोत्सव का रूप ले लेता है।
भोलेनाथ की कृपा नगर और श्रद्धालुओं पर यूं ही बनी रहे — यही सभी की कामना है।












