📢 अपने क्षेत्र से जुड़ी भ्रष्टाचार की खबरे या विज्ञापन देने के लिए संपर्क करे
📞 7772828778 | 📩 Email: editor@theindiaspeaks.com

खरगोन/लोकेश कोचले/ द इंडिया स्पीक्स

जिले में DWGS (Distillery Wet Grains with Solubles) के विक्रय और उपयोग को लेकर उठे प्रश्न अब केवल तकनीकी या विभागीय विषय नहीं रह गए हैं। यह मामला अब प्रशासनिक जवाबदेही, विभागीय समन्वय और जिम्मेदारी तय करने की क्षमता की गंभीर परीक्षा बन चुका है।
सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि संबंधित विभागों के बयान एक-दूसरे से अलग हैं और जिम्मेदारी को लेकर स्पष्ट स्थिति सामने नहीं आ पा रही है।

पशु चिकित्सा विभाग बनाम खाद्य सुरक्षा विभाग

DWGS के अवैद्य विक्रय मामले में जब पशु चिकित्सा अधिकारी गुलाब सिंह सोलंकी से द इंडिया स्पीक्स टीम के द्वारा बातचीत की गई तो उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि इस मामले में कार्रवाई का अधिकार उनके विभाग के पास नहीं है। चर्चा के दौरान उन्होंने कभी SDM, कभी खाद्य विभाग और कभी मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को जिम्मेदार बताया।
उन्होंने यह भी कहा कि उनके पास “वैज्ञानिकों की रिपोर्ट” है, जिसके अनुसार DWGS को सीमित मात्रा में पशुओं को खिलाया जा सकता है।
हालांकि यह स्पष्ट नहीं किया गया कि वह रिपोर्ट किस संस्था द्वारा जारी की गई है, क्या वह आधिकारिक रूप से प्रमाणित है, और क्या उसके आधार पर कोई प्रशासनिक अनुमति जारी की गई है।

विज्ञापन
अद्विका टेंट एंड डेकोरेशन
📍 काटकूट फाटा, बड़वाह —
टेंट, लाइटिंग, फॉग, पायरो की संपूर्ण व्यवस्था।
सर्व सुविधा युक्त मेरिज गार्डन, आकर्षक लाइटिंग के साथ सुंदर सजावट

वही खाद्य सुरक्षा विभाग, खरगोन के अधिकारी श्री आवास्या ने बिना किसी हिचक के कहा कि:

“खाद्य सुरक्षा विभाग मानव उपभोग की जांच करते हैं यह एनिमल फीडिंग का मामला है जो वेटनरी से संबंधित है यह हमारा विषय नहीं है”

यह बयान विभागीय सीमाओं को स्पष्ट करता है, लेकिन साथ ही एक बड़ा प्रश्न भी खड़ा करता है। यदि कोई पदार्थ पशुओं को खिलाया जा रहा है और वही पशु उत्पाद अंततः मानव उपभोग में आते हैं, तो क्या यह विषय पूरी तरह खाद्य सुरक्षा से अलग माना जा सकता है?
यहाँ मुद्दा अधिकार क्षेत्र की परिभाषा से अधिक समन्वित प्रशासनिक दृष्टिकोण का है।

जिम्मेदारी का बिखराव, संयुक्त कार्रवाई की आवश्यकता

अब तक की स्थिति यह संकेत देती है:
पशु चिकित्सा विभाग — कार्रवाई का अधिकार नहीं
खाद्य सुरक्षा विभाग — यह हमारा विषय नहीं
जिम्मेदारी कभी SDM, कभी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड पर
यदि हर विभाग अपने-अपने दायरे की सीमित व्याख्या करेगा, तो व्यापक जनहित के प्रश्नों पर निर्णय कौन करेगा?

विज्ञापन
🏡 अद्विका प्रॉपर्टी ब्रोकर – बड़वाह, सनावद, खरगोन, खंडवा में ज़मीन खरीदें या बेचें
📞 7772828778 | 7723024600

ऐसे मामलों में सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया संयुक्त निरीक्षण और स्पष्ट आदेश की होती है।
यदि DWGS का उपयोग और विक्रय नियमों के अनुरूप है, तो इसकी औपचारिक पुष्टि की जानी चाहिए।
यदि उल्लंघन है, तो दंडात्मक कार्रवाई भी उतनी ही स्पष्ट होनी चाहिए।
वर्तमान स्थिति में जो दिखाई दे रहा है, वह विभागीय असमंजस है — और यही इस विवाद को प्रशासनिक जवाबदेही की परीक्षा बना रहा है।

DWGS विवाद अब केवल एक औद्योगिक उपोत्पाद का विषय नहीं रहा।
यह इस बात की परीक्षा है कि प्रशासन जनहित से जुड़े जटिल मामलों में समन्वय और स्पष्टता दिखा पाता है या नहीं।
जब अधिकारी स्तर पर ही जिम्मेदारी तय न हो पाए, तो यह केवल भ्रम नहीं, बल्कि शासन व्यवस्था के प्रति जनता के विश्वास की भी परीक्षा है।

ASUS Vivobook Laptop Buy Now

Leave a Reply

📢 The India Speaks में रिपोर्टर भर्ती शुरू!

क्या आपके पास खबरों की समझ है? क्या आप अपने क्षेत्र की सच्चाई सामने लाना चाहते हैं?

🔍 The India Speaks अपने नेटवर्क के विस्तार के लिए स्थानीय रिपोर्टर नियुक्त कर रहा है।

✍️ ज़िम्मेदारियां:

✅ पात्रता:

💼 लाभ:

📲 आवेदन करें:

📧 ईमेल: editor@theindiaspeaks.com
📞 मोबाइल: 7772828778

⚠️ यह भर्ती केवल गंभीर और ज़िम्मेदार अभ्यर्थियों के लिए है। स्थान सीमित हैं।