पूर्व छात्रों ने मिलन समारोह में साझा की स्कूल जीवन की यादें, बंगाल के राजनीतिक बदलाव पर भी हुई चर्चा
बड़वाह-सनावद। The India Speaks Desk
वैष्णव हायर सेकेंडरी स्कूल, इंदौर के वर्ष 1974 विज्ञान संकाय बैच के पूर्व विद्यार्थियों द्वारा आयोजित पारंपरिक मिलन समारोह इस बार विशेष आकर्षण और चर्चा का केंद्र बना। हर एक-दो माह में आयोजित होने वाली इस आत्मीय बैठक में पुराने मित्रों ने एक बार फिर स्कूल जीवन की यादों को ताजा किया।
‘झालमुड़ी’ और इंदौरी पोहे के साथ हुआ आत्मीय मिलन
इस विशेष आयोजन में इंदौर के प्रसिद्ध पोहे के साथ पश्चिम बंगाल के लोकप्रिय व्यंजन ‘झालमुड़ी’ का आनंद लिया गया। कार्यक्रम के दौरान पश्चिम बंगाल में हुए राजनीतिक बदलाव और नई सरकार के गठन को लेकर भी उपस्थित पूर्व छात्रों ने अपने विचार साझा किए।
उपस्थित सदस्यों ने कहा कि लंबे समय से बंगाल में व्याप्त राजनीतिक हिंसा, अराजकता, जबरन वसूली और महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध चिंता का विषय रहे हैं। ऐसे में जनता द्वारा दिए गए नए जनादेश को लोकतंत्र और विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया गया।
‘आमार सोनार बांग्ला’ के सपने को लेकर जताई उम्मीद
पूर्व छात्रों ने आशा व्यक्त की कि नई सरकार के नेतृत्व में पश्चिम बंगाल एक बार फिर शांति, विकास और सांस्कृतिक गौरव की राह पर आगे बढ़ेगा तथा ‘आमार सोनार बांग्ला’ का सपना साकार होगा।
“भारत की पारंपरिक खाद्य संस्कृति को वैश्विक पहचान दिलाने में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयास सराहनीय हैं।”
— कार्यक्रम में उपस्थित पूर्व छात्र
डॉ. सुरेंद्र बापट के मार्गदर्शन में हुआ आयोजन
कार्यक्रम का संचालन एवं समन्वय वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. सुरेंद्र बापट के मार्गदर्शन में सम्पन्न हुआ। इस दौरान पुराने स्कूल जीवन की यादें, मित्रता, हास्य-परिहास और देश के वर्तमान एवं भविष्य पर गंभीर चर्चा का दौर भी चला।
ये पूर्व छात्र रहे उपस्थित
समारोह में डेविड जैन, डॉ. सुरेंद्र बापट, डॉ. महेश सोमानी, डॉ. सलूजा, सुशील पाटनी, अतुल मेहता, प्रफुल्ल जैन, मयंक लाड, सुनील भंडारी, प्रेम देव, बीडी छारिया, सुनील रेगे, प्रदीप चौधरी और आनंद चौधरी सहित कई पूर्व छात्र मौजूद रहे।
अंत में सभी मित्रों ने पश्चिम बंगाल की जनता को शुभकामनाएं देते हुए राज्य के उज्ज्वल, सुरक्षित और विकासशील भविष्य की कामना की।












